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जम्मू-कश्मीर में अमित शाह, भाजपा विधायकों और पदाधिकारियों के साथ बंद कमरे में की बैठक; जानिए खास बातें

Amit Shah in Jammu: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जम्मू-कश्मीर के तीन दिवसीय दौरे पर जम्मू पहुंचे। अधिकारियों ने बताया कि आगमन के तुरंत बाद शाह को राजभवन ले जाया गया और बाद में वह त्रिकुटा नगर स्थित भाजपा मुख्यालय गए और पार्टी विधायकों तथा अन्य पदाधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता की।

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जम्मू-कश्मीर के तीन दिवसीय दौरे पर जम्मू पहुंचे।

Jammu-Kashmir News: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जम्मू-कश्मीर के अपने तीन दिवसीय दौरे के तहत रविवार को शाम जम्मू पहुंचे और भाजपा विधायकों एवं पदाधिकारियों के साथ बंद कमरे में बैठक की। पिछले साल अक्टूबर में केंद्र शासित प्रदेश में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली नेशनल कांफ्रेंस सरकार के गठन के बाद यह उनका पहला दौरा है। यह दौरा कठुआ जिले में चल रहे बड़े पैमाने पर आतंकवाद रोधी अभियान के मद्देनजर भी महत्वपूर्ण है।

जम्मू पहुंचते ही अमित शाह का मनोज सिन्हा ने किया स्वागत

अमित शाह शाम करीब 6.50 बजे जम्मू के तकनीकी हवाई अड्डे पर पहुंचे जहां पर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और जम्मू-कश्मीर इकाई के अध्यक्ष सत शर्मा और पार्टी के जम्मू-कश्मीर प्रभारी राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ सहित अन्य भाजपा नेताओं ने उनका स्वागत किया। जम्मू-कश्मीर के पूर्व भाजपा प्रमुख रवींद्र रैना और पूर्व उपमुख्यमंत्री कविन्द्र गुप्ता और निर्मल सिंह भी उपस्थित थे।

भाजपा विधायकों और पदाधिकारियों से साथ बंद कमरे में की बैठक

अधिकारियों ने बताया कि आगमन के तुरंत बाद शाह को राजभवन ले जाया गया और बाद में वह त्रिकुटा नगर स्थित भाजपा मुख्यालय गए और पार्टी विधायकों तथा अन्य पदाधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक रात करीब साढ़े आठ बजे शुरू हुई और करीब दो घंटे तक चली। केंद्रीय गृह मंत्री अपने दौरे के दौरान भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित अग्रिम चौकी का दौरा करेंगे तथा सुरक्षा स्थिति और विकास पहलों की समीक्षा करेंगे। शाह का भाजपा मुख्यालय का दौरा ऐसे समय हुआ जब पार्टी का स्थापना दिवस मनाया जा रहा है। भाजपा कार्यकर्ता और नेता मुख्यालय में बड़े उत्साह के साथ स्थापना दिवस मना रहे हैं।

शाह के दौरे को लेकर पुलिस और सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया

अधिकारियों ने बताया कि शाह के दौरे के मद्देनजर पुलिस और सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। शाह सोमवार को कठुआ में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की सीमा चौकी विनय का दौरा करेंगे और वहां जमीनी हालात का जायजा लेंगे। पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों द्वारा हीरानगर सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार से घुसपैठ कर आए पांच आतंकवादियों के एक समूह को रोकने के बाद 23 मार्च से कठुआ जिले के वन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चल रहा है।

जम्मू-कश्मीर पुलिस के शहीदों के परिवार से मिलेंगे अमित शाह

जिले में 27 मार्च को दो दिनों तक चली भीषण मुठभेड़ में चार पुलिसकर्मी और दो आतंकवादी मारे गए थे। बाद में, वह जम्मू में राजभवन में जम्मू-कश्मीर पुलिस के शहीदों के परिवार के सदस्यों से मिलेंगे और अनुकंपा के आधार पर चयनित कुछ लोगों को नियुक्ति पत्र भी प्रदान करेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री आठ अप्रैल को सबसे पहले श्रीनगर स्थित राजभवन में आयोजित बैठक में केंद्र शासित प्रदेश में विभिन्न विकास कार्यो का जायजा लेंगे।

अधिकारियों ने बताया कि इसके बाद वह श्रीनगर स्थित राजभवन में एक अन्य बैठक में भाग लेंगे जहां जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की जाएगी। इससे पहले दिन में, जम्मू-कश्मीर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सत शर्मा ने सांसद जुगल किशोर शर्मा, पूर्व उपमुख्यमंत्री कविंदर गुप्ता और जम्मू-कश्मीर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में पार्टी मुख्यालय में भाजपा का झंडा फहराया।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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