भोपाल में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) पर पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के बयान पर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री भारत की विविधता और इसके बहुलवाद को एक समस्या मानते हैं। इसलिए, वह ऐसी बातें कहते हैं। क्या आप यूसीसी के नाम पर देश से इसकी बहुलतावाद और विविधता को छीन लेंगे? जब वह यूसीसी की बात करते हैं तो वह हिंदू नागरिक संहिता (Hindu Civil Code) चाहते हैं। मैं उन्हें चुनौती देता हूं- क्या वह हिंदू अविभाजित परिवार को खत्म कर सकते हैं? जाएं और पंजाब में सिखों को यूसीसी के बारे में बताएं, देखें वहां क्या प्रतिक्रिया मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को ये बात समझने की जरुरत है। भारत के संविधान में अनुच्छेद 29 राइट टू कल्चर एक मौलिक आधिकार है।
क्या पीएम मोदी सभी कल्चर को मिला देंगे?
भारत के संविधान में धर्मनिपेक्षता और बहुलवाद है। वह भारत के संविधान में अनुच्छेद 25, 26, 29, 14, 19, 21 का हिस्सा है। संविधान के बेसिक स्ट्रक्चर का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इस्लाम में शादी एक कॉन्ट्रैक्ट है। हिंदू में जन्म-जन्म का साथ है। ईसाई में आईडू बोलते हैं। क्या आप इस सबको मिल देंगे?
भारत की विविधता को समस्या समझते हैं पीएम
भारत के प्रधानमंत्री भारत की विविधता को समस्या समझते हैं। इसी लिए इस तरह की बातें करते रहते हैं। वन नेशन वन इलेक्शन, वन टैक्स, वन लॉ, वन क्लचर, वन रिलिजन, वन आइडेंटिटी। अब तो वन फर्टिलाइजर भी। ये उनका बहुत बड़ी समस्या है। इसीलिए भारत के प्रधानमंत्री को अनुच्छेद 29 समझ में नहीं आता है।
पाकिस्तान से इतनी मोहब्बत क्यों है?
ओवैसी ने कहा कि प्रधानमंत्री को पाकिस्तान से इतनी मोहब्बत क्यों है? उन्हें अपनी सोच का सॉफ्टवेयर बदलना चाहिए। भारत के मुसलमान को पाकिस्तान, मिस्र से क्या करना है? आप क्या उन्हें बड़ा और हमें कम समझ रहे हैं क्या? यह तो देश विरोधी बात है।
