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भारत मे क्यों गिरफ्तार हुए 6 यूक्रेनी, 1 US नागरिक? कीव ने दर्ज कराया विरोध, तत्काल रिहाई की मांग

खबरों में कहा गया कि छह यूक्रेनी नागरिकों के अलावा एक अमेरिकी नागरिक को भी भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने गैरकानूनी गतिविधियों के आरोप में हिरासत में लिया है। अमेरिकी नागरिक के मामले में पूछे जाने पर अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता ने कहा, 'हम स्थिति से अवगत हैं।'

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पूर्वोत्तर में विदेशी नागरिकों के जाने की इजाजत नहीं।

Photo : PTI

Ukrainian nationals arrested: भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों की साजिश रचने के आरोप में छह यूक्रेनी एवं एक अमेरिकी नागिरक की गिरफ्तारी हुई है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) का आरोप है कि यह समूह आतंकी हमलों की साजिश रच रहा था। इनकी गतिविधियों से सीमा पार से आतंकवाद का खतरा बढ़ गया था। यूक्रेन की सरकार ने विदेश मंत्रालय के समक्ष अपने इन नागरिकों की गिरफ्तारी का विरोध दर्ज कराते हुए उनकी तत्काल रिहाई और आसान कॉन्सुलर पहुंच दिए जाने की मांग की है। यूक्रेन के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक भारत में उशके राजदूत अलेक्जेंडर पोलिशचुक ने नई दिल्ली में एमईए के सचिव (पश्चिम) सीबी जॉर्ज से मुलाकात की और उन्हें 'लिखित में आधिकारिक विरोध' सौंपा।

मिजोरम क्यों आए थे विदेशी नागरिक?

खबरों में कहा गया कि छह यूक्रेनी नागरिकों के अलावा एक अमेरिकी नागरिक को भी भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने गैरकानूनी गतिविधियों के आरोप में हिरासत में लिया है। अमेरिकी नागरिक के मामले में पूछे जाने पर अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता ने कहा, 'हम स्थिति से अवगत हैं। गोपनीयता कारणों से हम अमेरिकी नागरिकों से जुड़े मामलों पर टिप्पणी नहीं कर सकते।' यह स्पष्ट नहीं है कि ये विदेशी नागरिक मिजोरम में किस उद्देश्य से गए थे। इस मामले पर भारतीय अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

हमें आधिकारिक सूचना नहीं दी गई-यूक्रेन

यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि मामला मिजोरम में यूक्रेनी नागरिकों की अनधिकृत उपस्थिति से जुड़ा है और विदेशी नागरिकों को उस राज्य में यात्रा के लिए विशेष परमिट की आवश्यकता होती है। बयान में यह भी कहा गया कि मामला 'भारत और म्यांमा के बीच राज्य सीमा के कथित अवैध पारगमन' से भी संबंधित है। यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने कहा, 'यूक्रेनी नागरिकों की हिरासत के बारे में अंतरराष्ट्रीय परंपरा के अनुसार भारत में स्थित यूक्रेन दूतावास को भारतीय अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई।'

'तथ्यों की 'खंडित एवं भ्रामक व्याख्या' की गई'

मंत्रालय ने कहा कि यूक्रेन ने हिरासत में लिए गए लोगों से तुरंत और निर्बाध राजनयिक पहुंच की अनुमति देने की मांग की है। इसने कहा कि अभी तक ऐसे ठोस तथ्य स्थापित नहीं हुए हैं जो यह साबित करें कि संबंधित यूक्रेनी नागरिक भारत या म्यांमा में किसी गैरकानूनी गतिविधि में शामिल थे। मंत्रालय ने यह भी कहा कि कुछ भारतीय और रूसी मीडिया में उपलब्ध तथ्यों की 'खंडित एवं भ्रामक व्याख्या' की गई है और निराधार आरोप लगाए गए हैं।

भारत में कुछ क्षेत्र विदेशी नागरिकों के लिए प्रतिबंधित

यूक्रेन ने कहा कि छह नागरिकों को अदालती कार्यवाही के दौरान कानूनी सहायता और बचाव पक्ष का वकील उपलब्ध कराया गया है। मंत्रालय के अनुसार, 16 मार्च को अदालत में सुनवाई हुई, जिसमें यूक्रेनी दूतावास के प्रतिनिधि मौजूद थे, लेकिन उन्हें हिरासत में लिए गए लोगों से सीधे बातचीत की अनुमति नहीं दी गई। सुनवाई के बाद अदालत ने उनकी हिरासत 27 मार्च तक बढ़ाने का आदेश दिया। यह नहीं बताया गया कि सुनवाई किस स्थान पर हुई। यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि भारत में कुछ क्षेत्र विदेशी नागरिकों के लिए प्रतिबंधित हैं, जहां प्रवेश केवल विशेष परमिट से संभव है, लेकिन कई बार ऐसे क्षेत्रों का उचित चिह्नांकन नहीं होता, जिससे नियमों का अनजाने में उल्लंघन होने का जोखिम रहता है।

(एजेंसी इनपुट)

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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