कश्मीर की स्थिति में होगा आमूलचूल बदलाव
उन्होंने मंगलवार को कहा कि परियोजना के पूरा होने से बहुत बड़ा फर्क आएगा और कश्मीर की स्थिति में आमूलचूल परिवर्तन आएगा। वर्मा ने कहा कि रियासी में सुरंग का काम अपने अंतिम चरण में है और एक सप्ताह के भीतर पूरा हो जाएगा। उनके अनुसार इसे पहले टी-1 कहा जाता था लेकिन अब यह टी-33 के नाम से जाना जाता है। उन्होंने कहा, पटरियां बिछाने का काम पूरा हो चुका है और अभी बिजली का काम चल रहा है। उम्मीद है कि एक सप्ताह में यह काम पूरा हो जाएगा। अगले 15 दिनों में सीआरएस निरीक्षण भी हो जाएगा, जिसके बाद ट्रेन चलेंगी।
कश्मीर से दिल्ली के लिए पहली सीधी ट्रेन चलेगी
वर्मा ने परिचालन की समीक्षा करने और चल रहे बुनियादी ढांचे के विकास का आकलन करने के लिए घाटी में कई रेलवे स्टेशनों का दौरा किया। वैष्णो देवी की तलहटी में स्थित तथा कटरा एवं रियासी को जोड़ने वाले 3.2 किलोमीटर लंबे टी-33 के लिए पटरियां बिछाने का काम पिछले सप्ताह पूरा हो गया है। इसके परिणामस्वरूप कटरा और रियासी के बीच अंतिम 17 किलोमीटर का खंड भी पूरा हो गया, और अब कश्मीर से दिल्ली के लिए पहली सीधी ट्रेन का संचालन संभव हो सकेगा।
