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दुनिया का चक्कर लगाएंगी भारतीय नौसेना की ये दो महिला अधिकारी, जानें क्या है पूरा प्लान

Indian Navy: भारतीय नौसेना की दो महिला अधिकारी समुद्री मार्ग से INSV तारिणी पर सवार होकर दुनिया का चक्कर लगाएंगी। दोनों अधिकारी- लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा ए और लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के, पिछले तीन वर्षों से इस अविश्वसनीय यात्रा की तैयारी कर रही हैं। आपको नाविका सागर परिक्रमा II की खास बातें बताते हैं।

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दुनिया का चक्कर लगाएंगी ये दो महिला अधिकारी।

NAVIKA SAGAR PARIKRAMA II: भारतीय नौसेना की दो महिला अधिकारी, लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा ए. और लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के. जल्द समुद्री मार्ग से दुनिया का चक्कर लगाएंगी। नौसेना प्रवक्ता कमांडर विवेक मधवाल ने रविवार को बताया कि रूपा और दिलना भारतीय नौसेना के नौकायन जहाज ‘आईएनएसवी तारिणी’ पर सवार होकर दुनिया का चक्कर लगाने के अभियान पर रवाना होंगी।

तीन साल से कर रहीं ‘सागर परिक्रमा’ अभियान की तैयारी

उन्होंने बताया कि दोनों महिला अधिकारी पिछले तीन साल से ‘सागर परिक्रमा’ अभियान की तैयारी कर रही हैं। मधवाल ने कहा, 'सागर परिक्रमा एक कठिन यात्रा होगी, जिसके लिए अत्यधिक कौशल, फिटनेस और मानसिक सतर्कता की जरूरत पड़ेगी। दोनों महिला अधिकारी बेहद कठोर प्रशिक्षण ले रही हैं। उनके पास हजारों मील की समुद्री यात्रा का अनुभव है।'

मधवाल के मुताबिक, रूपा और दिलना विश्व भ्रमणकर्ता और ‘गोल्डन ग्लोब रेस’ के नायक कमांडर (सेवानिवृत्त) अभिलाष टॉमी की देखरेख में प्रशिक्षण हासिल कर रही हैं। उन्होंने बताया कि छह-सदस्यीय चालक दल की सदस्य के रूप में दोनों महिला अधिकारियों ने पिछले साल एक अंतर-महासागरीय अभियान में हिस्सा लिया था, जो गोवा से केप टाउन होते हुए रियो डि जिनेरियो गया था और वापस आया था।

नौकायन परंपरा को पुनर्जीवित करने के लिए अहम प्रयास

मधवाल के अनुसार, इसके बाद रूपा और दिलना ने ‘डुअल-हैंड मोड’ में गोवा से पोर्ट ब्लेयर तक और पोर्ट ब्लेयर से गोवा तक की समुद्री यात्रा की थी। उन्होंने बताया कि दोनों महिला अधिकारियों ने इस साल की शुरुआत में गोवा से मॉरीशस के पोर्ट लुईस तक की समुद्री यात्रा भी ‘डुअल-हैंड मोड’ में सफलतापूर्वक पूरी की थी। मधवाल ने कहा, 'भारतीय नौसेना ने समुद्री विरासत को संरक्षित करने और नाविक कौशल को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए नौकायन परंपरा को पुनर्जीवित करने के लिए कई अहम प्रयास किए हैं।'

उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना ने आईएनएस तरंगिनी और आईएनएस सुदर्शिनी जैसे प्रशिक्षण जहाजों और आईएनएसवी म्हादेई तथा आईएनएसवी तारिणी जैसे नौकायन जहाजों के माध्यम से समुद्री नौकायन अभियानों में अग्रणी भूमिका निभाई है।

‘INSV तारिणी’ पर सवार होकर लगाएंगी दुनिया के चक्कर

मधवाल ने कहा, 'समुद्री कौशल और साहस का जश्न मनाने के लिए भारतीय नौसेना की दो महिला अधिकारी-लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा ए. और लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के. बहुत जल्द ‘आईएनएसवी तारिणी’ पर सवार होकर दुनिया का चक्कर लगाने के असाधारण अभियान पर रवाना होंगी।' ‘आईएनएसवी तारिणी’ को 2017 में ऐतिहासिक ‘नाविका सागर परिक्रमा’ के तहत पूरी तरह से महिला चालक दल के साथ दुनिया का चक्कर लगाने के लिए जाना जाता है।

मधवाल के मुताबिक, ‘आईएनएसवी तारिणी’ की अगली यात्रा भारत के समुद्री नौकायन उद्यम और समुद्री अभियानों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगी, जो वैश्विक समुद्री गतिविधियों और लैंगिक समानता के मामले में देश की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डालेगी।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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