Twisha Sharma Death Case: भोपाल में 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा की मौत का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया है कि उनकी मौत फांसी लगाने से पहले रस्सी के निशान के कारण हुई थी। रिपोर्ट में शरीर पर कुछ साधारण चोटों का भी उल्लेख किया गया है, जिससे मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। मृतका के परिवार के वकील अंकुर पांडे ने कहा है कि इस केस की जांच में गंभीर लापरवाही की गई है। उनका आरोप है कि परिवार पर जल्द अंतिम संस्कार करने का दबाव बनाया जा रहा था।
अधिवक्ता अंकुर पांडे के अनुसार, जांच एजेंसियां इस मामले को प्रभावित करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि AIIMS भोपाल में पोस्टमार्टम प्रक्रिया को लेकर भी दबाव बनाया जा रहा है, जिससे जांच की निष्पक्षता पर असर पड़ सकता है। उनका कहना है कि अगर प्रक्रिया को इस तरह प्रभावित किया गया तो सच्चाई सामने आना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि शव (Bhopal Death Case) की स्थिति लगातार खराब हो रही है और AIIMS भोपाल ने भी स्वीकार किया है कि उनके पास लंबे समय तक शव को सुरक्षित रखने की पर्याप्त सुविधा नहीं है। इसी वजह से परिवार की मांग है कि पूरे मामले का दोबारा पोस्टमार्टम AIIMS दिल्ली में कराया जाए, जहां बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दर्ज जानकारी पर भी उठे सवाल
अधिवक्ता का दावा है कि केवल मेडिकल विशेषज्ञ ही यह स्पष्ट कर सकते हैं कि शरीर पर पाए गए निशान और चोटें मौत से पहले लगी थीं या बाद में, और उनकी वास्तविक प्रकृति क्या है। इसलिए विस्तृत और पारदर्शी जांच जरूरी है। उन्होंने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दर्ज जानकारी पर भी सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार, ट्विशा शर्मा मॉडलिंग से जुड़ी थीं और उनकी लंबाई लगभग 172 से 173 सेंटीमीटर थी, जबकि रिपोर्ट में इसे करीब 161 सेंटीमीटर दर्ज किया गया है। उनका कहना है कि इतनी बुनियादी जानकारी में अंतर होना जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
अधिवक्ता अंकुर पांडे का आरोप है कि इस तरह की गलतियां और विसंगतियां मामले की दिशा को प्रभावित कर सकती हैं। उनका कहना है कि जांच को किसी और दिशा में मोड़ने की कोशिश हो रही है, इसलिए निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच बेहद जरूरी है। बताया जा रहा है कि ट्विशा मॉडलिंग से जुड़ी थीं और उनकी लंबाई लगभग 5.7 फीट थी, जबकि रिपोर्ट में इसे लगभग 160 सेंटीमीटर बताया गया है। परिवार का कहना है कि यह एक गंभीर गलती है, जिससे जांच पर सवाल उठते हैं।
NCW ने मध्य प्रदेश सरकार से सात दिन में मांगी रिपोर्ट
परिवार ने मांग की है कि पूरे मामले की दोबारा जांच दिल्ली के AIIMS में कराई जाए, ताकि सही और निष्पक्ष रिपोर्ट सामने आ सके। वहीं, परिवार का यह भी आरोप है कि जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। दूसरी ओर, परिवार के सदस्य आशीष शर्मा ने कहा कि कई बार दूसरी पोस्टमार्टम की मांग की गई, लेकिन शुरुआत में इसे मंजूरी नहीं मिली। बाद में अदालत ने इस पर सुनवाई तय की है। पुलिस ने अदालत को बताया है कि वे दूसरे पोस्टमार्टम के लिए तैयार हैं और उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।

Twisha Sharma Case (Photo: Times Now Digital)
इस बीच राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भी मामले का संज्ञान लिया है और मध्य प्रदेश सरकार से सात दिनों के भीतर रिपोर्ट (ATR) मांगी है। फिलहाल पुलिस ने परिवार को पत्र जारी कर कहा है कि शरीर को जल्द से जल्द सुपुर्द किया जाए, क्योंकि देर होने पर स्थिति खराब हो सकती है। वहीं, जांच एजेंसियां अब मामले की हर एंगल से जांच कर रही हैं। अदालत के फैसले के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
