Karnataka CM Post Conflict: कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं। मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और उपमुख्यमंत्री शिवकुमार के बीच 'ब्रेकफॉस्ट डिप्लोमेसी' होती है और फिर मामला धीरे-धीरे ठंडा होने लगता है, लेकिन फिर अचानक शिवकुमार खेमे का कोई नेता या विधायक ऐसी कोई टिप्पणी कर देगा कि राजनीति गर्मा जाएगी। हालांकि, इस बार कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और शिवकुमार के बीच हुई मुलाकात के बाद कयासबाजी तेज हुई है।
इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार ने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के बीच जारी खींचतान को लेकर गंभीर चिंता जताई और कहा कि इसकी वजह से सरकार गिर सकती है। समाचार एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में पूर्व मुख्यमंत्री शेट्टार ने कहा, ''मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के बीच टकराव बेहद गंभीर है, जो सरकार के पतन का कारण बन सकता है। इसका सीधा फायदा भाजपा को मिल रहा है, क्योंकि जनता का समर्थन अब पार्टी की ओर शिफ्ट होने लगा है। उपचुनावों के नतीजे भी इसी की पुष्टि करते हैं।''
शिवकुमार ने खरगे से की मुलाकात
शिवकुमार ने गुरुवार को बेंगलुरु स्थित मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर उनसे मुलाकात की। दोनों नेताओं की बैठक को राज्य में मुख्यमंत्री पद के लिए चल रहे सत्ता संघर्ष से जोड़ कर देखा जा रहा है। हालांकि, शिवकुमार ने बैठक के बाद कहा कि उन्होंने किसी भी राजनीतिक मुद्दे पर चर्चा नहीं की। उन्होंने कहा, ''उन्होंने किसी भी राजनीतिक मुद्दे पर चर्चा नहीं की और कांग्रेस कार्यसमिति की 27 दिसंबर को होने वाली बैठक के मद्देनजर राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ केवल राज्य इकाई के प्रमुख के रूप में केंद्र द्वारा मनरेगा की जगह पारित किए गए कानून के संबंध में अपने विचार साझा किए हैं।''
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने खरगे के साथ किसी अन्य मुद्दे पर चर्चा नहीं की है। उन्होंने कहा, ''ऐसा करने की कोई जरूरत नहीं है, मैं ऐसा नहीं करूंगा, फिलहाल ऐसी कोई बात नहीं है। सिद्दारमैया और मैंने कहा है कि हम आलाकमान के फैसले का पालन करते हुए काम करेंगे, और हम इसके लिए प्रतिबद्ध हैं।''
