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जम्मू-कश्मीर में रेलवे की बड़ी उपलब्धि, कटरा-बडगाम ट्रैक पर 18 कोच का ट्रायल रन हुआ कंप्लीट

यूएसबीआरएल भारतीय रेलवे द्वारा सफलतापूर्वक पूरी की गई परियोजनाओं में सबसे चुनौतीपूर्ण है। यह संभवतः दुनिया में अब तक का सबसे चुनौतीपूर्ण रेल लिंक है जो खतरनाक पहाड़ों, नदियों और कठिन भौगोलिक स्थितियों और मौसम के बीच इतनी लंबी दूरी तक बनाया गया है।

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कटरा-बडगाम ट्रैक पर 18 कोच का ट्रायल रन हुआ पूरा (फोटो- @radionews_jammu)

KEY HIGHLIGHTS
  • कटरा-बडगाम ट्रैक पर ट्रायल रन पूरा
  • 18 कोच वाली ट्रेन का हो रहा था ट्रायल
  • आज हुआ आखिरी ट्रायल

जम्मू कश्मीर में रेलवे को बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। कटरा-बडगाम ट्रैक पर 18 कोच वाली ट्रेन का ट्रायल रन पूरा हो गया है। अब इस ट्रैक पर 18 कोच वाली ट्रेन के दौड़ने का रास्ता साफ हो गया।

क्या बोली रेलवे

उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (यूएसबीआरएल) के कटरा-बडगाम रेलवे ट्रैक पर ट्रायल रन रविवार को पूरा हो गया। कटरा रेलवे स्टेशन से 18 कोच वाली ट्रायल ट्रेन सुबह 8 बजे कश्मीर के लिए रवाना हुई। ट्रायल रन की निगरानी कर रहे रेलवे के अधिकारियों ने बताया, "18 कोच वाली ट्रायल ट्रेन अब बडगाम पहुंच गई है और इसके साथ ही यूएसबीआरएल पर अंतिम ट्रायल रन पूरा हो गया है।"

क्या है यूएसबीआरएल

यूएसबीआरएल 41,000 करोड़ रुपये की लागत से पूरा हुआ। ट्रैक 326 किलोमीटर लंबा है, जिसमें से 111 किलोमीटर हिस्सा सुरंगों में है, जिसमें टी-49 सुरंग 12.77 किलोमीटर लंबी है। यह देश की सबसे लंबी रेलवे सुरंग है। भारतीय रेलवे ने इसी रूट पर जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में चिनाब नदी पर दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल भी बनाया है।

आईकॉनिक चिनाब पुल

आईकॉनिक चिनाब पुल 1,315 मीटर लंबा है, जिसके आर्च का विस्तार 467 मीटर और नदी तल से इसकी ऊंचाई 359 मीटर है। चेनाब पुल स्टील और कंक्रीट से बना एक आर्च पुल है, जिस पर सिंगल-ट्रैक रेलवे लाइन है। यह जम्मू संभाग के रियासी जिले में बक्कल और कौरी के बीच स्थित है। यह पुल चेनाब नदी पर नदी के ऊपर 359 मीटर (1,178 फीट) की ऊंचाई पर बना है, जो इसे दुनिया का सबसे ऊंचा रेल पुल और दुनिया का सबसे ऊंचा आर्च बनाता है। यह संगलदान और रियासी रेलवे स्टेशनों के बीच बनाया गया है।

पहला केबल-स्टेड पुल

भारतीय रेलवे ने अंजी खड्ड पर अपना पहला केबल-स्टेड पुल भी बनाया है। इस पुल का डेक नदी तल से 331 मीटर ऊपर है और मुख्य पाइलन की ऊंचाई 193 मीटर है। हर साल मानसून में उफान पर आने वाली अंजी खड्ड नदी पर बना यह पुल एक ही पाइलन के सहारे टिका है, जो एक बड़ी खड़ी मीनार जैसी संरचना है और नदी तल से 1,086 फीट (77 मंजिला इमारत के बराबर) ऊंचा है। दोनों तरफ पर्वत चोटियों से घिरा होने के कारण निर्माण स्थल पर काफी तेज हवाएं चलती रहती हैं।

सबसे चुनौतीपूर्ण परियोजना

पूरा यूएसबीआरएल भारतीय रेलवे द्वारा सफलतापूर्वक पूरी की गई परियोजनाओं में सबसे चुनौतीपूर्ण है। यह संभवतः दुनिया में अब तक का सबसे चुनौतीपूर्ण रेल लिंक है जो खतरनाक पहाड़ों, नदियों और कठिन भौगोलिक स्थितियों और मौसम के बीच इतनी लंबी दूरी तक बनाया गया है।यूएसबीआरएल बागवानी, कृषि, पर्यटन, व्यापार और छात्रों की शिक्षा को बढ़ावा देगा और कश्मीर तथा देश के बाकी हिस्सों के बीच औसत नागरिक के लिए यात्रा को आसान और सस्ता भी बनाएगा। यह परियोजना जम्मू-कश्मीर को देश के अन्य हिस्सों के साथ इंटीग्रेट करने वाले सबसे शक्तिशाली इंफ्रास्ट्रक्चर में से एक है।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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