लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज यानी बुधवार 4 फरवरी को संसद के मकर द्वार पर रवनीत सिंह बिट्टू को गद्दार कहकर संबोधित किया। इस पर रवनीत ने तुरंत प्रतिक्रिया देकर उन्हें जवाब दिया और हाथ मिलाने से इनकार कर दिया। बाद में उन्होंने मीडिया से बात करते हुए भी एक बार फिर कांग्रेस व गांधी परिवार पर हमला बोला। इसके बाद सिख समुदाय से जुड़े भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी पर हमला बोल दिया।
केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता हरदीप सिंह पुरी ने इस मामले में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी पिछले कई दिनों से संसद की कार्रवाई में रुकावट डाल रही है। उन्होंने कहा, कांग्रेस वाले गेट पर प्रोटेस्ट कर रहे थे। उसी समय उन लोगों ने अंग्रेजी में एक शब्द का इस्तेमाल किया, वो शब्द था 'गद्दार।'
हरदीप पुरी ने कहा कि इस शब्द को हल्के में नहीं लेना चाहिए। ट्रेटर बोला जाना सिख समुदाय के लिए बहुत बड़ा मामला है। राहुल जी अपसेट हैं कि बिट्टू जी उनकी पार्टी में थे और पार्टी छोड़ दिए, उन्हें अब भी इस बात का दु:ख है। राहुल जी अभी भाषा में हाथ तंग होने का बहाना नहीं बना सकते। क्योंकि उन्होंने ये सब बात अंग्रेजी में कही। इस तरह की भाषा बिल्कुल भी उपयुक्त नहीं है।
पूर्व में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए दिल्ली के नेता अरविंदर सिंह लवली ने भी इस मामले में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, एक ऐसे व्यक्ति के प्रति ऐसी भाषा का इस्तेमाल करना जिसके दादा ने देश के लिए अपनी जान दे दी बहुत दुखद है। उन्होंने पूछा कि राहुल गांधी को यह अधिकार किसने दिया कि वह देश को अपनी जागिर समझें?
लवली ने कहा, यह उनकी मानसिकता है, जिससे वह बाहर नहीं निकल सकते। चीजें उनके अनुसार नहीं हो रही है, यह पहली बार नहीं है, वह एक सिखों के खिलाफ अक्सर ऐसी भाषा का इस्तेमाल करते हैं। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के कमजोर प्रधानमंत्री की छवि किसने बनाई? राहुल गांधी उनका अपमान करते थे और डॉ.मनमोहन सिंह को भी इसका बुरा लगता था।
दिल्ली की राजनीति में पांच सिख हैं और उनमें से कोई भी कांग्रेस में नहीं है। कांग्रेस ने सभी को बाहर कर दिया। सिख कांग्रेस को नहीं छोड़ेंगे। आज सिर्फ बिट्टू का अपमान नहीं हुआ, बल्कि पूरे सिख समुदाय का अपमान हुआ है। कांग्रेस और राहुल गांधी को भविष्य में इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।
