Times Now Summit 2026: अमेरिका-ईरान युद्ध को लेकर देश में लगातार राजनीतिक टिप्पणियां हो रही है। भले ही विपक्ष ने कहा है कि वो युद्ध को लेकर सरकार के साथ है। हालांकि, फिर भी कई विपक्षी नेता, युद्ध से जुड़े सरकार से कई तीखे सवाल सरकार से पूछ रहे हैं। इसी बीच कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी (Manish Tewari) ने पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी युद्ध और उस पर भारत सरकार के रुख को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की।
युद्ध को लेकर सरकार चुप क्यों: मनीष तिवारी
टाइम्स नेटवर्क से खास बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ अहम सवालों पर सरकार की चुप्पी “कानों को चुभने वाली खामोशी” (deafening silence) जैसी लगती है, हालांकि उन्होंने यह भी माना कि भारत को अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखनी चाहिए।
मनीष तिवारी ने कहा कि भारत को ऐसे वैश्विक संघर्षों में अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देते हुए संतुलित रुख अपनाना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रणनीतिक स्वायत्तता का मतलब है कि भारत किसी एक पक्ष में खुलकर खड़ा होने के बजाय अपने हितों के अनुसार निर्णय ले।
कांग्रेस नेता ने क्या दी चेतावनी?
उन्होंने चेतावनी दी कि मिडिल ईस्ट में बढ़ता संघर्ष वैश्विक स्तर पर बड़े असर डाल सकता है, खासकर ऊर्जा, अर्थव्यवस्था और कृषि क्षेत्र पर इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है।
इस दौरान उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भारत की विदेश नीति को ऐसे समय में बेहद सावधानी और संतुलन के साथ चलाने की जरूरत है, ताकि देश के आर्थिक और रणनीतिक हित सुरक्षित रह सकें।
