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Ladakh: सियाचिन बेस कैंप के पास एवलांच, 2 अग्निवीर समेत सेना के तीन जवान शहीद, राहत और बचाव कार्य जारी

लद्दाख के सियाचिन ग्लेशियर में बड़े हिमस्खलन में सेना के 3 जवान शहीद हो गए। घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य जारी है। लद्दाख में ऑक्सीजन की कमी, हिमस्खलन और बर्फीले तूफान जवानों के लिए बड़ी आफत हैं। इस इलाके में ज्यादातर समय शून्य से भी 50 डिग्री नीचे तक तापमान रहता है।

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लद्दाख के सियाचिन ग्लेशियर में बड़े हिमस्खलन में सेना के 3 जवानों की मौत।(फोटो सोर्स: AP)

Photo : AP

लद्दाख स्थित सियाचिन बेस कैंप (12,000 फीट ऊंचाई) पर रविवार को आए हिमस्खलन में सेना के तीन जवान शहीद हो गए। शहीद होने वालों में दो अग्निवीर भी शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि हिमस्खलन में जवान फंस गए थे, जिन्हें निकालने के लिए तुरंत बचाव अभियान चलाया गया। सभी के शव बरामद कर लिए गए हैं।सियाचिन दुनिया का सबसे ऊंचा युद्धक्षेत्र माना जाता है। जवान मोहित कुमार, अग्निवीर नीरज कुमार चौधरी और अग्निवीर दभी राकेश देवाभाई एवलांच की वजह से शहीद हो गए।

बर्फ में दबे जवानों को निकालने की चल रही कोशिश

सियाचिन में ऑक्सीजन की कमी, हिमस्खलन और बर्फीले तूफान जवानों के लिए बड़ी आफत हैं। इस इलाके में ज्यादातर समय शून्य से भी 50 डिग्री नीचे तक तापमान रहता है। विशेषज्ञ अवलांच रेस्क्यू टीमें (ART) मौके पर पहुंच चुकी है। बर्फ में दबे जवानों को निकालने की कोशिश चल रही है। सेना के हेलिकॉप्टर, जैसे चीता और Mi-17, घायलों को निकालने और अस्पताल पहुंचाने के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं।

सियाचिन में क्यों आते हैं एवलांच

सियाचिन ग्लेशियर, दुनिया का सबसे ऊंचा और कठिन युद्धक्षेत्र कहा जाता है। यह इलाका बार-बार एवलांच की चपेट में आता है। समुद्र तल से 12,000 से 22,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस इलाके में हर साल भारी बर्फबारी होती है। कई बार तो बर्फ की परत 10 मीटर तक मोटी हो जाती है। नई गिरी हुई बर्फ पुराने लेयर पर ठीक से जम नहीं पाती और हल्की सी हलचल या दबाव पड़ते ही नीचे खिसक जाती है। इसी प्रक्रिया को एवलांच कहते हैं।

यहां तैनात सैनिकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ दुश्मन नहीं बल्कि मौसम और प्रकृति का प्रकोप भी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सियाचिन में गोलीबारी से ज्यादा जवान हिमस्खलन और खराब मौसम की वजह से शहीद हुए हैं।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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