गोवा की एक अदालत ने गोवा नाइटक्लब आग मामले में आरोपी अजय गुप्ता को जमानत दे दी है। अजय गुप्ता 'बर्च बाय रोमियो लेन' नाइटक्लब के मालिकों में से एक हैं। पिछले साल दिसंबर में इसी नाइटक्लब में भीषण आग लगने से 25 लोगों की मौत हो गई थी। गुप्ता को तीन महीने से अधिक समय पहले नई दिल्ली में गिरफ्तार किया गया था। उत्तरी गोवा के मापुसा स्थित जिला न्यायालय ने सोमवार को उन्हें जमानत दी।
अजय गुप्ता के खिलाफ कोई सबूत नहीं- वकील
आरोपी का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील रोहन देसाई ने अदालत में बहस के दौरान कहा कि पुलिस द्वारा दायर आरोपपत्र में आरोपी अजय गुप्ता के खिलाफ कोई सबूत नहीं है। उन्होंने कहा कि विस्तृत आरोपपत्र में त्रासदी में गुप्ता की किसी भी भूमिका का जिक्र नहीं है, और उनके मुवक्किल पर लगाए गए दस्तावेज़ों में हेराफेरी के आरोप भी निराधार हैं।
देसाई ने बताया कि जज ने गुप्ता को 50,000 रुपये की जमानत पर रिहा किया और कई शर्तें लगाईं, जिनमें यह भी शामिल है कि वह अदालत की अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ेंगे और अपना पासपोर्ट अदालत में जमा करेंगे। उन्होंने आगे बताया कि अदालत ने गुप्ता को जमानत पर रहते हुए सबूतों के साथ छेड़छाड़ न करने का भी निर्देश दिया है।
पिछले साल 6 दिसंबर की आधी रात के आसपास उत्तरी गोवा के अरपोरा गांव स्थित नाइट क्लब में लगी भीषण आग में 25 लोग मारे गए थे - जिनमें 20 कर्मचारी और पांच पर्यटक शामिल थे। इस त्रासदी के बाद पुलिस ने नाइट क्लब के मालिकों समेत 13 लोगों को गिरफ्तार किया था।
27 फरवरी को पुलिस ने आगजनी के संबंध में इसके मालिकों सौरभ लूथरा, गौरव लूथरा और गुप्ता समेत 13 आरोपियों के खिलाफ 4,150 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। पुलिस ने 300 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए।
