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कल से शुरू होगा तीसरा विश्व युद्ध! भारतीय नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी से कांपी दुनिया, पहले भी सच हो चुकी हैं कई बातें

Third World War: प्रसिद्ध ज्योतिषी कुशल कुमार ने 4 या 5 अगस्त से थर्ड वर्ल्ड वॉर छिड़ने की चेतावनी जारी की है। कुशल कुमार की भविष्यवाणी ऐसे समय में की गई है, जब ईरान ने इजराइल के खिलाफ जंग लड़ने की पूरी तैयारी कर ली है और माना जा रहा है कि ईरान की तरफ से आज या कल में हमला हो सकता है।

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Middle East Crisis

Photo : AP

Third World War: हमास और इजराइल के बीच चल रही जंग में अब ईरान भी कूद पड़ा है। भले ही अभी दोनों देशों के बीच निर्णायक जंग शुरू न हुई हो, लेकिन इसकी आहट भर से दुनिया सहम गई है। मिडिल ईस्ट पर संकट के बादल छाए हुए हैं और इस क्षेत्र में कभी भी जंग शुरू हो सकती है। इस बीच भारत के नास्त्रेदमस कहे जाने वाले प्रसिद्ध ज्योतिषी कुशल कुमार ने तीसरे विश्व युद्ध की भविष्यवाणी कर दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने 4 या 5 अगस्त से थर्ड वर्ल्ड वॉर छिड़ने की चेतावनी जारी की है।

कुशल कुमार की यह भविष्यवाणी दुनिया के लिए गंभीर चेतावनी इसलिए भी है क्योंकि उनकी कई बातें सच हो चुकी हैं। पहले उन्होंने रूस-यूक्रेन, इजराइल-हमास युद्ध को लेकर भी कई दावे किए थे, जो सच हुए। ऐसे में तीसरे विश्व युद्ध को लेकर उनकी भविष्यवाणी को गंभीरता से लिया जा रहा है। कुशल कुमार की भविष्यवाणी ऐसे समय में की गई है, जब ईरान ने इजराइल के खिलाफ जंग लड़ने की पूरी तैयारी कर ली है और माना जा रहा है कि ईरान की तरफ से आज या कल में हमला हो सकता है।

पहले भी कर चुके हैं थर्ड वर्ल्ड वॉर की भविष्यवाणी

तीसरे विश्व युद्ध को लेकर कुशल कुमार की यह भविष्यवाणी कोई नई नहीं है। वह इससे संबंधित भविष्यवाणियां पहले भी कर चुके हैं। पहले उन्हेांने ऐलान किया था कि 18 जून, 2024 को तीसरा विश्व युद्ध शुरू होगा। हालांकि, ऐसी कोई बड़ी घटना नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने 26 या 28 जुलाई को भी तीसरे विश्व युद्ध की भविष्यवाणी की थी, जो गलत निकली। अब उनकी तीसरी भविष्यवाणी पर दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।

मिडिल ईस्ट में स्थिति तनावपूर्ण

बता दें, हमास चीफ इस्माइल हानिया की हत्या के बाद ईरान और उसके सहयोगियों ने इजराइल से बदला लेने की शपथ ली है। ईरान ने हमास नेता की हत्या का आरोप इजराइल पर लगाया है और जंग की पूरी तैयारी कर ली है। इससे पूरे मिडिल ईस्ट में भयानक जंग की संभावना बढ़ गई गई है। उधर, अमेरिका ने इजराइल का समर्थन जारी रखने का ऐलान किया है। एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल के सहयोगी अमेरिका ने कहा कि वह इस क्षेत्र में युद्धपोत और लड़ाकू विमान भेजेगा, जबकि पश्चिमी सरकारों ने अपने नागरिकों से लेबनान छोड़ने की अपील की है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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