Monsoon Session: बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर संसद में गतिरोध जारी है। इंडी गठबंधन के कई घटक दलों ने बुधवार को संसद परिसर में एसआईआर के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया और चर्चा की मांग दोहराई। इस बीच, कांग्रेस महासचिव और वायनाड सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सरकार को दुर्बल बताते हुए सदन चलाने में असमर्थ करार दिया।
प्रियंका गांधी ने क्या कुछ कहा
टाइम्स नाउ नवभारत के साथ बातचीत में प्रियंका गांधी वाड्रा ने सदन में एसआईआर मुद्दे को लेकर अपनी मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि हम चर्चा की मांग कर रहे हैं। चर्चा होनी चाहिए। यह एक लोकतंत्र है और संसद का मकसद यही है कि चर्चा हो, लेकिन यह (सरकार) इतने दुर्बल हो गए हैं कि संसद नहीं चल पा रहे हैं।
उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप द्वारा टैरिफ और रूसी तेल की खरीद को लेकर नई दिल्ली पर की गई हालिया टिप्पणियों के बीच कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति रोज-रोज कुछ नया बोल रहे हैं। बेइज्जती कर रहे हैं, लेकिन हम कुछ नहीं कह रहे हैं। मेरे ख्याल से यह लोग घुटने पर आ गए हैं। अगर इन्हें संसद चला है तो सभी से चर्चा करें, इसमें क्या बुराई है।
नहीं चल सकी सदन की कार्यवाही
मानसून सत्र के 13वें दिन भी विपक्षी दलों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। प्रियंका गांधी सहित अन्य प्रदर्शनकारी सांसद हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी करते हुए सुनाई दिए। इस बीच, टीएमसी सांसदों भी नजर आए जिन्होंने 'बंगाल का अपमान बंद करो' के नारों वाली तख्तियां ली हुई थी। कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने बुधवार को राज्यसभा में चुनाव आयोग की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से संबंधित गंभीर चिंताओं पर चर्चा के लिए कार्य स्थगन नोटिस दिया, जबकि कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने ऐसा ही नोटिस लोकसभा में दिया।
