सीतापुर जेल से निकलने के बाद सपा के कद्दावर नेता पुलिस पर भड़कते दिखे। आजम खां ने जगह-जगह बैरिकेडिंग लगाने और लोगों के रोकने पर पुलिस पर भड़क गए। आजम खां ने अधिकारियों ने कहा कि जो सड़क पर हैं, वो उनके लोग नहीं है, वो यात्री हैं, उन्हें परेशान मत करिए। उन्हें जाने दीजिए।
पुलिस पर क्यों भड़के आजम खां
दरअसल आजम खां की रिहाई पर उनके काफी समर्थक उन्हें लेने पहुंचे थे, जिनमें उनके दोनों बेटे भी शामिल थे। आजम खां, जब रामपुर की ओर पुलिस काफिले के साथ रवाना हुए तब उनके स्वागत में रास्ते भर समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। जगह-जगह कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों के जुटने से सड़कों पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। रामपुर पहुंचने पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी और भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश शुरू की। इसी कार्रवाई से आजम खां नाराज हो गए।
क्या कहा
उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों से तीखी बहस करते हुए कहा- "ये मेरे लोग नहीं हैं, ये आम लोग हैं... इन्हें परेशान करने का क्या मतलब है? आप (पुलिस अधिकारी) मेरी वजह से लोगों को रोक रहे हैं..."
देर शाम पहुंचे घर
खां देर शाम रामपुर स्थित अपने आवास पर पहुंचे तो उनके समर्थकों ने ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारे लगाये। समर्थकों के हुजूम की वजह से खां बड़ी मशक्कत के बाद अपने घर के अंदर दाखिल हो सके। रामपुर जिले की सीमा में प्रवेश करते ही पुलिस ने सपा नेता आजम खां के काफिले के वाहनों को अवरोधक लगाकर रोक दिया। केवल आजम खां और उनके बेटे के वाहनों को ही आगे जाने दिया गया।
