Delhi Meerut Expressway: कांवड़ यात्रा के बीच आज सुबह 8 बजे से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) पर यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। शुक्रवार सुबह से गाजियाबाद की तरफ से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर सभी प्रकार के वाहनों की एंट्री बंद कर दी गई है। हालांकि, मेरठ की तरफ से वाहनों का संचालन पहले की तरह जारी रहेगा। कांवड़ियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मेरठ और गाजियाबाद पुलिस ने कई प्रमुख मार्गों पर भी ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया है।
डीएमई बंद होने के बाद दिल्ली से मेरठ और आगे जाने वाले वाहनों को डासना कट से एनएच-9 पर उतारकर हापुड़ के रास्ते मेरठ की ओर भेजा जा रहा है। इसके अलावा ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और एनएच-9 को भी वैकल्पिक मार्ग के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।
मेरठ-रुड़की हाईवे पर भी बढ़ेगी पाबंदी
कांवड़ियों की संख्या बढ़ने के साथ मेरठ-रुड़की हाईवे पर हल्के वाहनों को बंद करने की तैयारी है। हरिद्वार और मुजफ्फरनगर पुलिस से बातचीत के बाद इस संबंध में कोई फैसला लिया जाएगा। इसके बाद सिर्फ यातायात पुलिस से पास हासिल करने वाले वाहन और इमरजेंसी सेवाओं से जुड़े वाहन ही इस मार्ग पर चल सकेंगे।
अधिकारियों के अनुसार दिल्ली रोड, हापुड़ रोड और गढ़ रोड पर ई-रिक्शा व ऑटो का संचालन भी प्रतिबंधित किया गया है। गढ़ और हापुड़ रोड पर भी वन-वे व्यवस्था लागू की गई है, जिसमें एक तरफ कांवड़ियों और दूसरी तरफ वाहनों के लिए मार्ग तय किया गया है।
दो करोड़ 79 लाख कांवड़िये उठा चुके जल
दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक एडीजी भानु भास्कर ने बताया कि कल यानी गुरुवार 6 अगस्त तक लगभग 34 लाख कांवड़ियों ने हरिद्वार से जल उठाया है, जबकि अब तक कुल 2.79 करोड़ कांवड़िये जल उठा चुके हैं। मेरठ रोड पर बड़ी संख्या में सामान्य कांवड़ियों के साथ डाक कांवड़ के जत्थे भी पहुंच रहे हैं।
कांवड़ पटरी मार्ग पहले ही कांवड़ियों के लिए आरक्षित किया जा चुका है। इस मार्ग पर सिर्फ अनुमति प्राप्त वाहन ही चल सकेंगे। मेरठ से दिल्ली जाने वाली लेन भी कांवड़ियों के लिए आरक्षित है और कई कट बंद कर दिए गए हैं।
वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे बंद होने के बाद वाहन चालकों को निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। डीसीपी ट्रैफिक त्रिगुण बिसेन के मुताबिक, कांवड़ियों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। वहीं दिल्ली-दून इकोनॉमिक कॉरिडोर और गंगा एक्सप्रेसवे पर यातायात फिलहाल सामान्य रहेगा।
