Cockroach Janta Party: हरियाणा की राजनीति में उस समय नया विवाद खड़ा हो गया जब इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के विधायक अर्जुन चौटाला (Arjun Chautala) ने युवाओं को 'कॉकरोच' कहे जाने का विरोध करते हुए खुद को 'कॉकरोचों का पहला विधायक' बता दिया। अर्जुन चौटाला हरियाणा के सिरसा जिले की रानिया विधानसभा सीट से विधायक हैं और पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला (Om Prakash Chautala) के पोते हैं। अर्जुन चौटाला ने कहा कि देश के युवाओं को कॉकरोच कहना पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि देश का युवा जागरूक है, सवाल पूछता है और बदलाव चाहता है।
देश का हर वोटर सरकार से मांग सकता है जवाब-अर्जुन चौटाला
ऐसे में युवाओं की आवाज दबाना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि एक विधायक होने के नाते वे युवाओं के साथ खड़े हैं और इसलिए खुद को 'पहला कॉकरोच विधायक' मानते हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने विधानसभा में संविधान की शपथ ली है और संविधान हर नागरिक को सरकार से सवाल पूछने का अधिकार देता है। उनके अनुसार, देश का हर वोटर सरकार से जवाब मांग सकता है। अर्जुन चौटाला ने कहा कि युवाओं को सेना में भर्ती होने, पढ़ाई करने और देश के लिए काम करने की प्रेरणा दी जाती है, लेकिन अगर वही युवा सवाल पूछें तो उन्हें गलत नहीं कहा जाना चाहिए।
सोशल मीडिया पर तेजी से बढ़ी लोकप्रियता
INLD विधायक ने यह भी दावा किया कि सोशल मीडिया पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' नाम से एक पेज तेजी से लोकप्रिय हुआ था और उसके फॉलोअर्स बहुत तेजी से बढ़ रहे थे। उनका आरोप है कि बाद में उस पेज को बंद कर दिया गया। उन्होंने कहा कि कॉकरोच को चाहे कितनी बार कुचला जाए, वह फिर खड़ा हो जाता है। इसी तरह देश का युवा भी हर मुश्किल का सामना कर सकता है। अर्जुन चौटाला ने लोगों से कहा कि अगर कोई युवा सरकार से सवाल पूछना चाहता है, तो वह उन्हें ईमेल के जरिए सवाल भेज सकता है। मेरी ईमेल आईडी cockroach@gmail.com है। कॉकरोच इस दुनिया से सबसे पहले आए थे और दुनिया के खत्म होने तक जिंदा रहेंगे। उन्होंने कहा कि एक विधायक के रूप में उन्हें हर महीने सरकार से सवाल पूछने का अधिकार है और वे युवाओं की आवाज उठाते रहेंगे।
अर्जुन ने कहा कि सीजेआई के बयान से लगता है कि देश में कोई भी सवाल न पूछे। बीजेपी जब विपक्ष में होती थी। डॉलर और रुपए में 50 रुपये के अंतर पर चीखने लगते थे।लेकिन जब आज डॉलर और एक रुपए में 100 का अंतर हो गया है तो वे देश को बचत करने की नसीहत दे रहे हैं। सरकार ने समय रहते युद्ध के हालातो का आकलन नहीं किया, जिसके चलते देश में हालत खराब होने की स्थिति में पहुंचे हैं। उनके बयान के बाद हरियाणा की राजनीति में यह मुद्दा चर्चा का विषय बन गया है।
