मणिपुर में हाल ही में हुई शांति पहल में शामिल थाडौ जनजाति के एक वरिष्ठ नेता की असम के कार्बी आंगलोंग जिले में कथित तौर पर हत्या कर दी गई है।एक पुलिस अधिकारी ने सोमवार को बताया कि अब तक पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हालांकि, नेता का शव अभी तक बरामद नहीं हुआ है।अधिकारी ने बताया कि मांजा क्षेत्र के कुकी बस्ती में किराए के मकान में रहने वाले नेहकाम जोम्हाओ की शनिवार रात धारदार हथियारों से कथित तौर पर हत्या कर दी गई और उसका शव पास की जमुना नदी में फेंक दिया गया।
उन्होंने कहा, 'शव की तलाश का अभियान रविवार से जारी है।' अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार किये गये पांच लोगों के अलावा कुछ अन्य लोगों को भी प्रारंभिक पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
यह पूछे जाने पर कि क्या पिछले महीने इंफाल में मेइती समुदाय के नेताओं के साथ शांति बैठक में शामिल होने के कारण जोम्हाओ को निशाना बनाया गया है, इस पर अधिकारी ने कहा, 'हम इस समय कुछ नहीं कह सकते। हमें सभी संभावित पहलुओं पर गौर करना होगा।'
मणिपुर में 2023 में जातीय अशांति फैलने के बाद पहली बार थाडौ इनपी मणिपुर (टीआईएम) के एक प्रतिनिधिमंडल ने थाडौ समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हुए अगस्त के पहले सप्ताह में विभिन्न मेइती नागरिक समाज संगठनों (सीएसओ) और छात्र निकायों के साथ बातचीत की थी, जो समुदायों के बीच संवाद और आपसी समझ को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
शोधकर्ताओं का दावा है कि थाडौ, कुकी समुदाय की सबसे बड़ी उप-जनजाति है, जबकि टीआईएम का दावा है कि वे एक अलग जनजाति हैं और कुकी समूह का हिस्सा नहीं हैं।
