दिल्ली के जहांगीरपुरी (Jahangirpuri ) इलाके से पकड़े गए दोनों आतंकियों (Terrorist) से जुड़ी इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की स्पेशल सेल के सूत्रों के मुताबिक दोनों आतंकियों के टारगेट पर पंजाब के तीन नेता थे और ये तीनों बजरंग दल (Bajrang Dal), शिवसेना और कांग्रेस के नेता थे। दो टारगेट को मारने पाकिस्तान से ऑर्डर आया था। इनके लिए तारीख और जगह तय कर ली गई थी। पहले टारगेट को गणतंत्र दिवस के अगले दिन यानी 27 जनवरी और दूसरे टारगेट को मारने के लिए 31 जनवरी की तारीख तय की गई थी। इन दोनों टारगेट की आतंकियों ने अच्छे से रेकी की थी कि ये कब, कहाँ और किस वक्त आते जाते हैं ये सब पता लगा लिया था।
मिलने थे डेढ़ करोड़ रुपये
इन दोनों को पहला टारगेट पूरा होने पर 50 लाख, दूसरे पर 1 करोड़ और तीसरे पर 1.5 करोड़ मिलने थे। इतना ही नहीं टोकन मनी के रूप में इन्हें अभी तक हवाला ऑपरेटर के जरिए 5 लाख रुपए भी मिल चुके थे। इसके अलावा जिस हिंदू शख्स की इन आतंकियों ने 15 दिसंबर को हत्या की थी उसकी पुलिस ने पहचान कर ली है। मृतक की उम्र महज 22 साल थी और वो नशे का आदि था। पुलिस को अभी तक मृतक के शव के 8 टुकड़े मिले मिले हैं और बाकी टुकड़ों की तलाश की जा रही है। FSL की टीम आज दोनों आतंकियों के ठिकानों पर जा सकती है और वहां से सबूत इकट्ठा कर सकती है।
गिरफ्तार कैरेक्टर
कैरेक्टर नंबर 1 आतंकी नौशादकैरेक्टर नंबर 2 आतंकी जगजीत
कैरेक्टर नंबर 3 आतंकी सोहैल (लश्कर ए तैयबा)
कैरेक्टर नंबर 4 खालिस्तान टाइगर फोर्स
कैरेक्टर नंबर 5 ISI
जांच है अहम
पिछले 48 घंटे से दिल्ली पुलिस की जांच इन्हीं पांच कैरेक्टर के इर्द-गिर्द घूम रही है। पुलिस की ये जांच इसलिए भी अहम है । क्योंकि साजिश देश की राजधानी दिल्ली को दहलाने की थी और टारगेट पर हिंदू थे और प्लानिंग बना रहे थे पाकिस्तान में बैठे आतंकी आका। जिस घर से नौशाद और जगजीत को पुलिस ने गिरफ्तार किया वहां से 3 तमंचे और 22 जिंदा कारतूस बरामद किए। पुलिस को इनके पास से एक मोबाइल भी मिला, जिसमें एक शख्स की हत्या का वीडियो था। दिल्ली पुलिस का दावा है कि इन आतंकियों ने एक हिंदू की हत्या की। उसके शव को कई टुकड़ों में काटा और मर्डर का वीडियो भी बनाया।मारे गए शख्स के हाथ पर बना था त्रिशूल
जिस हिंदू को इन आतंकियों ने मारा वो शिवभक्त था। भलस्वा इलाके के मंदिर में माथा टेकता था उसके हाथ पर त्रिशूल बना था। नौशाद और जगजीत से पुलिस ने पूछताछ की तो उसने भलस्वा के एक मकान का पता बताया। तफ्तीश के दौरान पुलिस को इस मकान से 2 हैंड ग्रेनेड भी मिले। साथ ही दीवारों पर खून के निशान भी पाए गए जोकि FSL की टीम ने सबूत के तौर पर इकट्ठे किए। जांच में सामने आया है कि 55 साल का नौशाद आतंकी संगठन हरकत उल अंसार से जुड़ा है जिसका हैंडलर पाकिस्तान में मौजूद है। जबकि जगजीत सिंह खालिस्तान टाइगर फोर्स के लिए काम करता है इसका हैंडलर कनाडा में बैठा अर्शदीप डल्ला है। नौशाद की लश्कर ए तैएबा के आतंकी सोहैल से तिहाड़ जेल में मुलाकात हुई। पाकिस्तान के इस आतंकी को ISI के जरिए दिशा-निर्देश दिए जाते थे।ये खुलासा इसलिए भी अलर्ट करने वाला है । क्योंकि आईएसआई अब तक खून-खराबे के लिए पाकिस्तान में बैठे आतंकियों का सहारा लेती थी । मगर पहली बार उसने खालिस्तान से जुड़े आतंकियों को भी मिला लिया।
