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सीएम नीतीश कुमार के राज में हुई सबसे ज्यादा पुलिसकर्मियों की हत्या, सरकार सो गई और CM बेहोश हैं: तेजस्वी यादव

Tejashwi Yadav: तेजस्वी यादव ने दावा किया कि बिहार में अपराध बढ़ रहे हैं और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शासन में सबसे अधिक पुलिस कर्मियों की हत्या हुई है।

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तेजस्वी यादव ने बिहार में पुलिसकर्मियों की हुई हत्या पर सीएम नीतीश कुमार पर साधा निशाना

Photo : ANI

Tejashwi Yadav: राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने दावा किया कि बिहार में अपराध बढ़ रहे हैं और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शासन में सबसे अधिक पुलिस कर्मियों की हत्या हुई है। तेजस्वी ने बिहार सरकार की भी आलोचना की और कहा कि यह बढ़ते अपराध को नियंत्रित करने में विफल रही है। उन्होंने सीएम नीतीश कुमार पर बेहोश होने का आरोप लगाया और आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग अपराधियों को संरक्षण दे रहे हैं, जिससे कानून व्यवस्था चरमरा रही है। बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा कि अपराध बढ़ रहे हैं, सरकार सो गई है और सीएम बेहोश हैं। सीएम नीतीश कुमार के शासन में पुलिस भी सुरक्षित नहीं है। अपराधी बेकाबू हैं क्योंकि सत्ता में बैठे लोग उन्हें संरक्षण दे रहे हैं। होली के दौरान ऐसी कई घटनाएं हुईं। सीएम वही कहते हैं जो उनके आसपास के अधिकारी उन्हें लिखकर देते हैं। सत्ता में बैठे लोग अपराधियों के पक्ष में नियम बदल रहे हैं।

मुख्यमंत्री अचेत है: तेजस्वी यादव

मुंगेर के नंदलालपुर गांव में होली (14 मार्च) को हुई घटना में सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) संतोष कुमार सिंह की हत्या के बाद यह घटना हुई। इससे पहले आज, उप महानिरीक्षक (डीआईजी) राकेश कुमार ने कहा कि सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) संतोष कुमार सिंह की हत्या के मामले में सात लोगों की पहचान आरोपियों के रूप में की गई है, जिनमें से पांच पहले से ही पुलिस हिरासत में हैं। घटना पर बोलते हुए, डीआईजी कुमार ने कहा कि एएसआई सिंह दो पक्षों के बीच विवाद को शांत करने गए थे, जब उन पर हमला किया गया। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन पटना में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

विगत 3 दिनों में 2 ASI की हत्या हो चुकी है। मुख्यमंत्री अचेत है। उनसे गृह विभाग भी नहीं संभल रहा है। 20 साल से इनकी सरकार है अब इस ध्वस्त कानून व्यवस्था का दोष किसे देंगे? नीतीश कुमार के कार्यकाल में सर्वाधिक पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की हत्या हुई है। इनके 20 वर्षों में साठ हजार से अधिक नागरिकों की हत्या हुई है। ये वो आंकड़े है जो NCRB द्वारा रिपोर्टेड है। कितने दिन अख़बारों और गोदी मीडिया को विज्ञापन नहीं देने के नाम पर डरा कर इस राक्षसराज को छुपाते रहेंगे? जिनके भाई-बेटे और पिता गुजरे है उनसे उनका दर्द पुछिये।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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