टाटा संस & एयर इंडिया के चेयरमैन चंद्रशेखरन।
Air India Plane Crash: टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने एयर इंडिया AI-171 ड्रीम लाइनर हादसे के पीछे तुर्की एयरलाइन मेंटिनेंस सेंटर टर्किश टेक्नीक की साजिश होने की अटकलों को खारिज किया है। टाइम्स नेटवर्क की ग्रुप एडिटर नाविका कुमार के साथ खास बातचीत में चंद्रशेखरन ने कहा कि एयर इंडिया के बेड़े में 33 बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान हैं और तुर्किये की कंपनी इनमें से किसी का भी रखरखाव नहीं करती। बीते 12 जून को हुए इस प्लेन क्रैश में 270 लोगों की जान गई।
टाटा संस के इस अधिकारी से सवाल था कि कुछ लोग इस हादसे के पीछे तुर्किये की इस कंपनी की साजिश के बारे में बात कर रहे हैं। इसके जवाब में चंद्रशेखरन ने ये बातें कहीं। उन्होंने इन दावों को 'कयासबाजी' बताया और कहा कि सारे सवालों के जवाब फ्लाइट डाटा, कॉकपिट व्वॉयस रिकॉर्डर और ब्लैक बॉक्स की जांच से मिल जाएंगे। हम लोग इसका इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'इस हादसे के बारे में यूट्यूब, मीडिया चैनल्स, सोशल मीडिया में बहुत सारी बातें चल रही हैं लेकिन ब्लैक बॉक्स से असलियत सामने आ जाएगी। तब तक आपको किसी नतीजे पर नहीं पहुंचना चाहिए, आपको तब तक इंतजार करना चाहिए।'
एयर इंडिया के फ्लीट के रखरखाव में तुर्किये की इस कंपनी की व्यापक रूप से सेवा लिए जाने के सवाल पर चंद्रशेखरन ने स्वीकार किया कि कुछ बोइंग 777 का रखरखाव यह कंपनी करती है लेकिन यह भी कहा कि कंपनी की सेवा फिलहाल स्थगित और समीक्षा के अधीन है।
'क्या आपको शुरुआत में उम्मीद थी कुछ लोग बच जाएंगे या आपको शुरू से ही पता था कि यह एक भयावह मंजर था?' वाले सवाल पर एन चंद्रशेखरन ने कहा कि मुझे भी बाकी तमाम लोगों की तरह उम्मीद थी कि लोग बच जाएंगे... मैं भी बाकी लोगों की तरह ईश्वर से प्रार्थना कर रहा था, क्योंकि आपने साइट नहीं थी, महज खबरें सुन रहे थे। ऐसे में मेरे मन में सिर्फ यही चल रहा था कि नुकसान होगा, पर लोग बच जाएं... या कितने लोग बचेंगे... यही सब मेरे मन में चल रहा था।
एयर इंडिया के चेयरमैन ने कहा कि विमान में दायां इंजन मार्च 2025 में लगाया गया, जो एक नया इंजन था, जबकि बाएं इंजन की आखिरी बार 2023 में सर्विस हुई थी और दिसंबर 2025 में अगली रखरखाव जांच होनी थी। हालांकि, उन्होंने हादसे के विषय पर जल्दी निष्कर्म निकालने के खिलाफ चेतावनी दी और इस बात पर जोर दिया कि महज एक विस्तृत तकनीकी विश्लेषण से पता चलेगा कि असल में क्या हुआ था।
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