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9 साल की बच्ची का खोना या खराब कानून-व्यवस्था...आखिर तमिलनाडु में विजय की रैली में कैसे मची भगदड़?

अभिनेता से राजनेता बने विजय की रैली के दौरान जब अचानक बड़ी संख्या में लोग एक ही दिशा में बढ़ने लगे, तो स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। भले ही सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे, लेकिन इस दौरान कई लोगों की जान चली गई।

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तमिलनाडु में विजय की रैली में भगदड़ मचने से कई लोग मरे

Tamil Nadu Karur Rally Update: तमिलनाडु के करूर में शनिवार को एक दुखद घटना घटी। अगले साल विधानसभा चुनाव से पहले अभिनेता से राजनेता बने विजय की राजनीतिक रैली में भारी भीड़ जमा हुई थी। इसी दौरान भगदड़ मच गई, जिसमें 30 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई और भारी संख्या में लोग घायल हो गए। भगदड़ के दौरान बेहोश हुए लोगों को पास के अस्पताल ले जाया गया। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे।

9 साल की लापता लड़की को ढूंढने चले लोग

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, तमिलनाडु वेत्री काझागम (TVK) के प्रमुख विजय को सुनने और देखने के लिए लगभग 100,000 लोग जमा हुए थे। लेकिन स्थिति वहां बिगड़ गई जब एक 9 साल की लड़की लापता हो गई और लोग उसे ढूंढने के लिए एक ही दिशा में भागने लगे। इस दौरान भगदड़ मच गई।

जब बड़ी संख्या में लोग अचानक एक ही दिशा में बढ़ने लगे, तो स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई, भले ही सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे।

'पुलिस, कृपया मदद करें'

जब भगदड़ जैसी स्थिति बन गई तो विजय ने अचानक अपना भाषण रोक दिया और भीड़ को शांत करने की कोशिश की। उन्होंने सुरक्षाकर्मियों से भी स्थिति नियंत्रित करने में मदद करने की अपील की। करूर रैली में बच्ची के लापता होने की खबर फैलने पर विजय को यह कहते हुए सुना गया, 'पुलिस, कृपया मदद करें।' बेहोश हुए लोगों को एम्बुलेंस से पास के अस्पतालों में ले जाया गया, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई गई। वही, एम्बुलेंस को भीड़ में से रास्ता बनाने में मुश्किल हुई, जिससे मरीजों को अस्पताल ले जाने में देरी हुई।

भीड़ नियंत्रित नहीं हो पाई

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, वहां मौजूद लोगों ने बताया, 'भीड़ का एक बड़ा हिस्सा अभिनेता को देखने के लिए मंच की बाड़ की ओर बढ़ा, जिससे शाम 7.45 बजे के आसपास स्थिति बिगड़ना शुरू हो गई।' धक्का-मुक्की में कई लोग बेहोश हो गए। लोग अपने परिवारों से अलग हो गए। कई लोग नीचे दब गए। वॉलंटियर और पुलिस समय पर हस्तक्षेप नहीं कर पाए।

अनुमान से कहीं अधिक भीड़ जमा हुई

वहीं, पुलिस का कहना है कि करूर रैली में अनुमान से कहीं अधिक भीड़ जमा हुई। लगभग 30,000 लोगों को अनुमति दी गई थी। लेकिन, स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार रैली में 60,000 से अधिक लोग जमा हुए। इनमें पैदल लोगों के अलावा ट्रैक्टर और बसों से भी लोग आए थे। स्थानीय तमिल रिपोर्टों के अनुसार, मंच के आसपास कोई सुरक्षित जगह नहीं थी, जिससे लोग विजय को देखने के लिए और करीब आते गए, जो भीड़भाड़ का एक कारण था।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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