K Annamalai Corruption Allegations: ऐसे समय में जब तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहे हैं, तभी उनकी सरकार पर नए सिरे से सवाल उठने लगे हैं। बीजेपी के पूर्व राज्य प्रमुख के. अन्नामलाई ने आरोप लगाया है कि कुछ मंत्री सरकारी टेंडर संभालने वाले ठेकेदारों से रिश्वत की मांग कर रहे हैं।
न्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार को चेन्नई में अपने संगठन द्वारा आयोजित पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम में बोलते हुए अन्नामलाई ने दावा किया कि उनके पास अपने आरोपों के समर्थन में ऑडियो रिकॉर्डिंग हैं। उन्होंने विजय से आग्रह किया कि मामला और बढ़ने से पहले वे मंत्रियों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करें।
अन्नामलाई ने कहा कि विजय ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है, लेकिन आरोप लगाया कि उनके मंत्रिमंडल के कुछ सदस्यों ने अब सरकारी अनुबंधों से कमीशन मांगना शुरू कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, अन्नामलाई ने आरोप लगाया, 'यह सच है कि मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार के खिलाफ हैं, और हम यह देखते भी हैं। पहले बड़े टेंडरों में रिश्वत नहीं ली जाती थी, लेकिन अब कुछ मंत्रियों ने इसकी मांग शुरू कर दी है।' कथित बातचीत के ऑडियो सबूत होने का दावा करते हुए अन्नामलाई ने कहा कि मंत्री कथित तौर पर ठेकेदारों से कह रहे थे कि उन्होंने चुनाव के दौरान पैसे खर्च किए थे और इसलिए वे अपना हिस्सा मांग रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया, 'कुछ मंत्री कह रहे हैं कि वे वोट के लिए पैसे देकर आए हैं, इसलिए दो प्रतिशत, तीन प्रतिशत या चार प्रतिशत हिस्सा दें।'
अन्नामलाई ने विजय से अपने मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों पर कड़ी नजर रखने को कहा और सुझाव दिया कि नियमित समीक्षा से प्रशासन में भ्रष्टाचार को जड़ जमाने से रोकने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने कहा, 'आपने (विजय) अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में कहा था कि हमारे जीवनकाल में भ्रष्टाचार खत्म हो जाएगा। सप्ताहांत पर नियमित समीक्षा बैठकों के जरिए मंत्रियों और अधिकारियों पर लगाम कसें, क्योंकि अगर लगाम ढीली छोड़ी गई, तो प्रशासन भटक जाएगा।'
भ्रष्टाचार पर विजय ने क्या कहा?
अन्नामलाई के ये आरोप ऐसे समय में आए हैं जब विजय लगातार अपने भाषणों में भ्रष्टाचार को एक अहम मुद्दा बना रहे हैं। मुख्यमंत्री के तौर पर स्वतंत्रता दिवस पर दिए अपने पहले भाषण में, विजय ने भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए अपनी सरकार के संकल्प को दोहराया था और कहा था कि सरकारी राजस्व का निजी लोगों की जेब में जाना रोक दिया गया है।
विजय ने कहा था, 'सरकारी राजस्व का निजी लोगों के पास जाना रोक दिया गया है और सभी विभागों में भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।'
मुख्यमंत्री ने करूर में एक रैली के दौरान रिश्वतखोरी के खिलाफ कड़ी चेतावनी भी दी थी और लोगों से अपील की थी कि अगर अधिकारी या कोई और पैसे की मांग करे तो वे पैसे न दें।
विजय ने भीड़ की तालियों के बीच कहा था, 'जब कोई आपसे रिश्वत मांगे, तो उनसे साफ कह दें कि आप रिश्वत नहीं देंगे। मैं आपके साथ हूं। इसके बाद भी अगर कोई आप पर दबाव डाले, तो उनसे कहें, 'हमारा बेटा, हमारा भाई, हमारा विजय इस राज्य पर राज कर रहा है।' उनसे बहुत मजबूती से कहें।' बता दें कि अन्नामलाई के हालिया आरोप अब सीधे तौर पर उस भ्रष्टाचार-विरोधी छवि को चुनौती देते हैं जिसे विजय ने अपनी सरकार के लिए बनाने की कोशिश की है।
