Swami Prasad Maurya : समाजवादी पार्टी के प्रमुख स्वामी प्रसाद मौर्य ने हिंदू धर्म के बारे में एक बार फिर विवादित बयान दिया है। उन्होंने हिंदू धर्म को एक 'धोखा' बताया है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर आरोप लगाया कि भगवा पार्टी हिंदू धर्म की मार्केटिंग करती है और देश को बांटती है। हालांकि, मौर्य के इन विचारों से सपा ने किनारा कर लिया है। सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा कि 'मौर्य के विचारों का पार्टी किसी भी रूप में समर्थन नहीं करती। हिंदू धर्म के बारे में उन्होंने जो आपत्ति बयान दिए हैं, वे उनके विचार हैं न कि सपा के। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने खुद कहा है कि ये मौर्य के अपने विचार हैं, पार्टी के नहीं।'
भाजपा पर देश को बांटने का आरोप लगाया
दिल्ली में अनुसूचित जाति एवं जनजाति के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सपा नेता ने कहा कि भाजपा जब सत्ता के बाहर रहती है तो हिंदुओं की बात करती है लेकिन जब सरकार में आ जाती है तो वह हिंदुओं को भूल जाती है। उन्होंने भाजपा पर धर्म के नाम पर राजनीति करने और देश को बांटने का आरोप लगाया। सपा नेता ने आगे कहा कि हिंदू धर्म नहीं बल्कि एक 'धोखा' है।
अखिलेश अगड़ों के लिए सम्मेलन करते हैं और मौर्य हमला
यह पहली बार नहीं है जब मौर्य ने सनातन, हिंदू धर्म और रामचरित मानस के खिलाफ बोला है। वह पहले भी हिंदू धर्म एवं संस्कृति को लेकर विवादित बयान दे चुके हैं। हालांकि, सपा ने उनके इस बयान से किनारा कर लिया है। हैरानी वाली बात यह है कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव अगड़ी जातियों को जोड़ने के लिए लखनऊ में ब्राह्मण सम्मेलन करते हैं तो वहीं मौर्य हिंदू धर्म के बारे में लगातार बयान दे रहे हैं।
सपा के महासचिव हैं मौर्य
अखिलेश पीडीए में ए को अगड़े एवं अल्पसंख्यकों से जोड़ते हैं लेकिन मौर्य अगड़ी जातियों पर हमले करते हैं। मौर्य सपा के राष्ट्रीय महासचिव हैं। सवाल है कि क्या मौर्य अपने अध्यक्ष की भी बात नहीं सुनते। बार-बार हिंदू धर्म के बारे में आपत्तिजनक बातें कहने के बावजूद सपा उनके खिलाफ कोई कार्रवाई करते हुए नहीं दिखती।
