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अब युद्धभूमि पर भी होगा ऑपरेशन, भारत ने पेश की ड्रोन-सर्जरी टेक्नोलॉजी

भारत ने ड्रोन-आधारित सर्जिकल सिस्टम पेश किया है, जिससे अब युद्धभूमि पर भी तुरंत ऑपरेशन संभव होगा। यह तकनीक दूर बैठे विशेषज्ञ डॉक्टरों को रियल-टाइम में गंभीर मरीजों का इलाज करने की सुविधा देगी, बिना अस्पताल ले जाए।

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भारत ने पेश की ड्रोन-सर्जरी टेक्नोलॉजी

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

नई दिल्ली में आयोजित SSI मल्टी-स्पेशियल्टी रोबोटिक सर्जरी कॉन्फ्रेंस (SMRSC) 2026 ने इस बार सिर्फ मेडिकल टेक्नोलॉजी की प्रगति नहीं दिखाई, बल्कि यह संकेत भी दिया कि आने वाले समय में इलाज की परिभाषा पूरी तरह बदल सकती है। तीन दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में दुनिया भर से आए 1500 से अधिक डॉक्टरों और विशेषज्ञों के बीच दो इनोवेशन प्रोजेक्ट विमाना और प्रोजेक्ट ऑपेरियन सबसे ज्यादा चर्चा में रहे।

सीधे घटनास्थल तक पहुंचाया जा सकता है

SS Innovations International द्वारा पेश किया गया प्रोजेक्ट विमाना पारंपरिक युद्धक्षेत्र चिकित्सा व्यवस्था से एक बड़ा कदम आगे माना जा रहा है। यह ड्रोन-आधारित बैटलफील्ड सर्जिकल सिस्टम है, जिसे सीधे घटनास्थल तक पहुंचाया जा सकता है। इसमें लगे हाई-प्रिसीजन रोबोटिक आर्म्स को दूर बैठे विशेषज्ञ सर्जन ऑपरेट कर सकते हैं। इसका मतलब है कि गंभीर रूप से घायल सैनिकों को गोल्डन ऑवर के भीतर ही एडवांस सर्जिकल हस्तक्षेप मिल सकता है वो भी बिना अस्पताल ले जाए।

मोबाइल, प्लेटफॉर्म-एग्नोस्टिक ऑपरेटिंग सिस्टम

दूसरी ओर, प्रोजेक्ट ऑपेरियन हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर की सीमाओं को चुनौती देता है। यह एक पूरी तरह मोबाइल, प्लेटफॉर्म-एग्नोस्टिक ऑपरेटिंग सिस्टम है, जिसे जरूरत के हिसाब से कहीं भी तैनात किया जा सकता है, चाहे वह आपदा प्रभावित इलाका हो या दूरदराज का ग्रामीण क्षेत्र। इसकी 360-डिग्री एक्सेस और रियल-टाइम कॉन्फिगरेशन क्षमता डॉक्टरों को ऑन-डिमांड सर्जिकल सेटअप उपलब्ध कराती है।

15 लाइव टेली-सर्जरी और 14 ऑन-ग्राउंड सर्जरी का सफल प्रदर्शन

सम्मेलन के दौरान SSI Mantra 3 के जरिए 15 लाइव टेली-सर्जरी और 14 ऑन-ग्राउंड सर्जरी का सफल प्रदर्शन भी किया गया, जिसने रोबोटिक सर्जरी की विश्वसनीयता और स्केलेबिलिटी को रेखांकित किया। इसके अलावा SSI KAYA ह्यूमनॉइड प्लेटफॉर्म ने हेल्थकेयर, डिफेंस और डिजास्टर मैनेजमेंट में मशीन-ह्यूमन सहयोग की नई संभावनाएं भी सामने रखीं।

भारत के मेडटेक सेक्टर के लिए एक निर्णायक क्षण

केंद्रीय राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने इसे भारत के मेडटेक सेक्टर के लिए एक निर्णायक क्षण बताया। वहीं कंपनी के चेयरमैन और सीईओ डॉ. सुधीर श्रीवास्तव के अनुसार, लक्ष्य अब सिर्फ एडवांस सर्जरी विकसित करना नहीं, बल्कि उसे भौगोलिक सीमाओं से मुक्त करना है ताकि जरूरत पड़ने पर इलाज मरीज तक पहुंचे, न कि मरीज इलाज तक।

Prerit Kumar
प्रेरित कुमारauthor

मैं एक जिज्ञासु पत्रकार हूँ, जो खबरों के हर पहलू को निष्पक्षता के साथ पाठकों तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य का अनुभव रखता हूँ। पत्रकारिता की दुनिया में एक दशक से सक्रिय हूँ। समाज और सच्चाई को जोड़ने वाली सार्थक पत्रकारिता में विश्वास करता हूँ।

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