Atiq Ahmad: यूपी के कुख्यात डॉन अतीक अहमद की मुश्किलों का अंत होता नहीं दिख रहा है। एक ओर जहां उसे प्रयागराज की अदालत ने उमेश पाल अपहरण कांड में दोषी ठहराया है, वहीं दूसरी ओर उसे सुप्रीम से भी राहत नहीं मिली है। अतीक ने शीर्ष अदालत से उसे यूपी जेल न भेजने की गुहार लगाई थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे खारिज करते हुए अतीक के वकीलों को हाई कोर्ट जाने को कहा।
2019 से साबरमती जेल में बंद था अतीक
माफिया अतीक अहमद को जून 2019 में गुजरात की साबरमती जेल में शिफ्ट किया गया था। उस पर व्यवसायी मोहित जायसवाल के अपहरण और हमले की साजिश रचने का आरोप है। इसके अलावा अतीक पर हत्या, अपहरण जैसे कई मामले दर्ज हैं। बीते शुक्रवार को पुलिस की ओर से गुजरात की जेलों में सर्च ऑपरेशन चलाया गया था।उमेश पाल अपहरण केस में दोषी
बता दें कि अतीक अहमद को प्रयागराज की विशेष अदालत ने उमेश पाल अपहरण केस में दोषी ठहराया है। अतीक को कल ही गुजरात की जेल से यूपी के प्रयागराज की नैनी जेल लाया गया था। आज सुनवाई में अतीक को दोषी ठहराया गया है।
राजू पाल हत्याकांड के एक मात्र गवाह उमेश पाल का 2006 में अपहरण कर लिया गया था। पुलिस ने इस मामले में 11 लोगों को आरोपी बनाया था, जिसमें माफिया अतीक अहमद और उसका भाई अशरफ भी शामिल हैं। उमेश पाल की इसी साल फरवरी में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसका आरोप भी अतीक अहमद पर है।
अतीक अहमद 2019 से गुजरात की साबरमती जेल में बंद था। उसे सोमवार को सड़क के रास्ते प्रयागराज की नैनी जेल लाया गया, जहां उसे स्पेशल सेल में रखा गया है। अतीक के बैरक की निगरानी सीसीटीवी के माध्यम से सीधे लखनऊ मुख्यालय द्वारा की जा रही है। अतीक पर उमेश पाल की हत्या के आरोप में अलग से केस चलाया जाएगा।
पुलिस की पकड़ से दूर असद और शूटर
24 फरवरी को प्रयागराज में उमेश पाल की हत्या कर दी गई थी। उमेश पाल को उसके घर के बाहर बदमाशों ने गोली मार दी थी। इसके कई वीडियो भी सामने आए थे। इस मामले में अतीक अहमद का बेटा असद और शार्प शूटर पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। मामले में पुलिस ने कई गिरफ्तारियां की हैं।
