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सुप्रीम कोर्ट पहुंचा अस्पताल में नवजात बच्चों के बदलने का दिलचस्प मामला

  • Agency by: Agency
  • Updated Sep 3, 2025, 11:41 PM IST

रायपुर के एक निजी अस्पताल पर नवजात बदलने के आरोप का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुँचा। डीएनए रिपोर्ट में एक बच्ची का मेल न होने पर माता-पिता ने FIR की मांग की। हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की थी, अब सुप्रीम कोर्ट मामले की गंभीरता देखते हुए सुनवाई करेगा।

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सुप्रीम कोर्ट अब उस याचिका पर सुनवाई करेगी जिसमें एक दंपति ने रायपुर के एक निजी अस्पताल पर नवजात बच्चे बदलने का गंभीर आरोप लगाया है। ये मामला जस्टिस मनोज कुमार और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच के सामने आया है।

क्या है बच्चा बदलने का अजीबो गरीब मामला

सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने वाली मां का कहना है कि उसने अस्पताल में एक लड़का और एक लड़की को जन्म दिया था। लेकिन बाद में जब अस्पताल द्वारा परिवारवालों को बच्चों को दिखाया गया तो दोनों लड़कियाँ थीं। शिकायत के बाद डीएनए टेस्ट कराया गया। जांच में एक बच्ची का डीएनए तो याचिका दाखिल करने वाले माता-पिता से तो मेल खा गया, लेकिन दूसरी बच्ची का डीएनए मेल नहीं खाया।

याचिकाकर्ता माता पिता के क्या हैं आरोप?

माता-पिता का आरोप है कि यह सीधा-सीधा नवजात शिशु को बदलने का मामला है। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन और वहाँ की स्त्री रोग विशेषज्ञ जो अस्पताल निदेशक की पत्नी हैं उन पर नवजात बच्चे के अपहरण का आरोप लगाया है।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ पहुंचे सुप्रीम कोर्ट

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पहले इस याचिका को खारिज कर दिया था। हाईकोर्ट ने छह विशेषज्ञ डॉक्टरों की समिति की रिपोर्ट पर भरोसा जताया था। रिपोर्ट में कहा गया था कि इस मामले में किसी तरह की गड़बड़ी या शिशु बदलने का मामला नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि ये एक गंभीर मामला है और इसकी जांच होनी चाहिए। कोर्ट ने कहा कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने तथ्यों की गहराई से जांच किए बिना ही आरोप लगाने वाले मां बाप की याचिका खारिज कर दी। अब इस मामले पर चार हफ्ते के बाद सुनवाई होगी।

Gaurav Srivastav
गौरव श्रीवास्तवauthor

टीवी न्यूज रिपोर्टिंग में 10 साल पत्रकारिता का अनुभव है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से लेकर कानूनी दांव पेंच से जुड़ी हर खबर आपको इस जगह मिलेगी। साथ ही चुनाव आयोग, विपक्ष के राजनीतिक घटनाक्रम से लेकर हर जनहित मुद्दे पर मेरी नजर रहती है।

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