Teesta Setalvad News: तीस्ता सीतलवाड़ को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी है। तीस्ता पर साल 2002 में हुए गुजरात दंगों में कथित सबूत गढ़ने का आरोप है। अदालत ने तीस्ता को राहत देने के साथ-साथ हिदायत भी दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि तीस्ता गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश नहीं करेंगी और वह गवाहों से दूर रहेंगी। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात हाईकोर्ट के उस फैसले को पलट दिया, जिसमें तीस्ता को झटका लगा था।
गुजरात हाईकोर्ट से तीस्ता को लगा था झटका
1 जुलाई 2023 को गुजरात हाईकोर्ट ने तीस्ता सीतलवाड़ की जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके खिलाफ तीस्ता ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और जमानत अर्जी दाखिल किया था। सर्वोच्च अदालत ने हाईकोर्ट के उस आदेश को भी रद्द कर दिया, जिसमें उनको तुरंत सरेंडर करने का निर्देश जारी किया गया था।
जानिए कौन हैं तीस्ता सीलतवाड़
तीस्ता सीलतवाड़ एक मानवाधिकार कार्यकर्ता हैं, जिनका नाम गुजरात दंगा 2002 के बाद सुर्खियों में आया था। दंगों के अभियुक्तों को अदालत तक ले जाने वालों में इनका नाम शुमार है। गुजरात दंगों के पीड़ितों के लिए तीस्ता और उनकी संस्था 'सिटीजंस फॉर जस्टिस एंड पीस' ने 68 मुकदमे लड़े हैं और 170 से अधिक लोगों को सजा दिलवाई है। तीस्ता सीतलवाड़ का जन्म 1962 में मुंबई के एक वकील परिवार में हुआ था। तीस्ता के दादा एमसी सीतलवाड़ भारत के पहले अटॉर्नी जनरल थे, जो 1950 से 1963 तक पद पर रहे।
तीस्ता सीतलवाड़ पर क्या है आरोप?
गुजरात दंगा 2002 के केस में कथित सबूत गढ़ने के आरोप में तीस्ता सीतलवाड़ की कई बार मुश्किलें बढ़ चुकी हैं। 25 जून, 2022 को तीस्ता सीतलवाड़ को पुलिस ने कस्टडी में लिया था। 30 जुलाई 2022 को अहमदाबाद की एक अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद अगस्त 2022 में तीस्ता की जमानत मामले में गुजरात हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस भेजा। सितंबर 2022 में तीस्ता ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, जहां से उन्हें अग्रिम जमानत मिली थी। अब एक बार फिर उन्हें सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है।
