Same-Sex Marriage: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को समलैंगिक विवाह पर पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले पर फिर से विचार करने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति बी.आर. गवई, न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना, न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पीठ ने यह फैसला सुनाया है।
प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव खन्ना द्वारा 10 जुलाई 2024 को पुनर्विचार याचिकाओं की सुनवाई से खुद को अलग करने के बाद नई पीठ का गठन किया गया था।
'शादी करना कोई मौलिक अधिकार नहीं'
अक्टूबर 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने से इनकार कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ ने सर्वसम्मति से यह फैसला सुनाया था। इस फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि शादी करना कोई मौलिक अधिकार नहीं है और समलैंगिक विवाह को मान्यता देना संसद के अधिकार क्षेत्र में आता है।
