देश

सुखबीर सिंह बादल ने अपनी जान बचाने वाले दो पुलिसकर्मियों को लगाया गले, कही ये बात

बुधवार को स्वर्ण मंदिर में अपनी सजा के दूसरे दिन बादल बाल-बाल बच गए थे जब एक पूर्व खालिस्तानी आतंकवादी ने उन पर करीब से गोली चलाई, लेकिन सादे कपड़ों में मौजूद पुलिसकर्मियों ने हमलावर को काबू में कर लिया..

Image

सुखबीर सिंह बादल

Sukhbir Singh Badal: शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल ने अपनी जान बचाने वाले दो पुलिस अधिकारियों को को गले लगाया। एक पूर्व आतंकवादी ने बादल पर गोली चलाई थी, लेकिन सादे कपड़ों में मौजूद पुलिसकर्मियों ने हमलावर को काबू में कर लिया था। बादल ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर सहायक उपनिरीक्षक जसबीर सिंह और हीरा सिंह की तस्वीरें पोस्ट कीं जो उनकी सुरक्षा में शामिल हैं।

बादल ने पोस्ट में लिखा, किसी की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालना कोई आसान बात नहीं है। एएसआई जसबीर सिंह और एएसआई हीरा सिंह दोनों ही प्रकाश सिंह जी बादल के समय से हमारे परिवार का हिस्सा रहे हैं। बादल ने कहा, मेरा परिवार और मैं कल उनके द्वारा दिखाए गए साहस का ऋण नहीं चुका सकते। भगवान उन्हें लंबी आयु, अच्छा स्वास्थ्य और सभी खुशियां दें।

हमले में बचे बादल

बुधवार को स्वर्ण मंदिर में अपनी सजा के दूसरे दिन बादल बाल-बाल बच गए थे जब एक पूर्व खालिस्तानी आतंकवादी ने उन पर करीब से गोली चलाई, लेकिन सादे कपड़ों में मौजूद पुलिसकर्मियों ने हमलावर को काबू में कर लिया जिसके कारण गोली नहीं चली। बादल के तख्त केसगढ़ साहिब दौरे से पहले पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे।

बादल सिखों की धार्मिक संस्था अकाल तख्त द्वारा सुनाई गई धार्मिक सजा भुगत रहे हैं, जो 2007 से 2017 तक पंजाब में शिरोमणि अकाली दल सरकार और उनकी पार्टी द्वारा की गई कथित गलतियों के लिए दी गई है। अमृतसर में स्वर्ण मंदिर के अलावा अकाल तख्त ने बादल को तख्त केसगढ़ साहिब, तख्त दमदमा साहिब और मुक्तसर और फतेहगढ़ साहिब में दरबार साहिब में दो-दो दिन 'सेवादार' की सेवा करने के लिए कहा है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!

संबंधित खबरें

मेदांता हॉस्पिटल के बाहर हाईवोल्टेज ड्रामा, वांगचुक से विपक्षी सांसदों को नहीं मिलने दे रही पुलिस; धरने पर बैठे संजय सिंह

मेदांता हॉस्पिटल के बाहर हाईवोल्टेज ड्रामा, वांगचुक से विपक्षी सांसदों को नहीं मिलने दे रही पुलिस; धरने पर बैठे संजय सिंह

अनंतनाग आतंकी हमला: पुलिसकर्मी की मौत के बाद कश्मीर में तलाशी अभियान तेज, 1000 से ज्यादा संदिग्ध हिरासत में लिए गए

अनंतनाग आतंकी हमला: पुलिसकर्मी की मौत के बाद कश्मीर में तलाशी अभियान तेज, 1000 से ज्यादा संदिग्ध हिरासत में लिए गए

राम मंदिर ट्रस्ट बैठक: धार्मिक कार्यों की जिम्मेदारी 5 संतों को सौंपने का फैसला, सीईओ नियुक्ति प्रक्रिया एक महीने के लिए बढ़ी

राम मंदिर ट्रस्ट बैठक: धार्मिक कार्यों की जिम्मेदारी 5 संतों को सौंपने का फैसला, सीईओ नियुक्ति प्रक्रिया एक महीने के लिए बढ़ी

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के विद्युतीकरण का काम हुआ तेज, पहली बार भारत में लगेगी हाई-स्पीड 2×25 kV प्रणाली

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के विद्युतीकरण का काम हुआ तेज, पहली बार भारत में लगेगी हाई-स्पीड 2×25 kV प्रणाली

Sonam Wangchuk Letter: 'मैं भी जीना चाहता हूं, लेकिन....'; सोनम वांगचुक ने नड्डा और जितेंद्र सिंह को लिखी चिट्ठी, रखी ये शर्त

Sonam Wangchuk Letter: 'मैं भी जीना चाहता हूं, लेकिन....'; सोनम वांगचुक ने नड्डा और जितेंद्र सिंह को लिखी चिट्ठी, रखी ये शर्त