Sudan Crisis : हिंसाग्रस्त देश सूडान में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए भारत सरकार सक्रिय हो गई है। अपने नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए सरकार एक नहीं बल्कि चार देशों से मदद ले रही है। इसके लिए सरकार अमेरिका, ब्रिटेन, सऊदी अरब एवं संयुक्त अरब अमीरात से करीबी संपर्क बनाए हुए है और नागरिकों के निकालने की योजना पर काम कर रही है। सूडान में हिंसा के शुरू हुए पांच दिन हो गए हैं लेकिन अभी यह रुकने का नाम नहीं ले रही है।
UAE-सऊदी अरब के अपने समकक्षों से जयशंकर ने की बात
रिपोर्टों के मुताबिक विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सूडान के ताजा हालात पर यूएई एवं सऊदी अरब के अपने समकक्षों से बात की है। इन दोनों देशों ने सूडान में हर संभव भारत की मदद करने का भरोसा दिया है। यही नहीं, वाशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास एवं लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग के अधिकारी वहां की सरकारों के साथ संपर्क में हैं। इन सभी देशों के सामने सूडान से अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने की चुनौती है। केंद्र सरकार संयुक्त राष्ट्र की भी मदद ले रही है।
सूडान में सेना और RSF में जारी है वर्चस्व की जंग
बता दें कि सूडान पर नियंत्रण को लेकर वहां की सेना और पैरामिलिट्री रैपिड सपोर्ट फोर्स (RSF) में संघर्ष हो रहा है। हिंसा और हमलों के शुरू हो जाने के बाद बाहरी देशों के लोग वहां फंस गए हैं। सूडान में स्थितियां बिगड़ने के बाद विदेश मंत्रालय ने दिल्ली में एक कंट्रोल रूम बनाया। यहां से फंसे नागरिकों के बारे में सूचना एवं उन्हें मदद दी जा रही है।
सूडान में अपने दूतावास के संपर्क में है विदेश मंत्रालय
विदेश मंत्रालय ने अपने एक बयान में कहा कि वह खारतूम स्थित भारतीय दूतावास से लगातार संपर्क बनाए हुए है और अपने नागरिकों के हालात पर पल-पल की जानकारी ले रहा है। दूतावास वाट्सएप सहित कई माध्यमों के जरिए अपने नागरिकों एवं भारतीय समुदाय के साथ संपर्क में है। मंत्रालय ने कहा कि सूडान में हालात अभी काफी गंभीर है। सड़कों पर हिंसा हो रही है। सूडान में फंसे भारतीयों के बारे में खास जानकारी सुरक्षा वजहों के चलते साझा नहीं की जा सकती।
हिंसा में अब तक 185 लोगों की मौत हुई
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार सूडान में सेना प्रमुख जनरल अब्देल फत्ताह अल बुरहान और आरएसएफ के प्रमुख जनरल मोहम्मद हमदान दगालो के बीच वर्चस्व की इस जंग में अब तक 185 लोगों की मौत हो चुकी है। हिंसा का शिकार केरल का रहने वाला एक भारतीय नागरिक भी हुआ है। यही नहीं हिंसा एवं हमलों में करीब 1,800 लोग घायल हुए हैं। सूडान की हिंसा अपने पांचवें दिन में प्रवेश कर गई है लेकिन अभी इसके रुकने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
