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नेपालियों की दादागिरी! भारतीय मजदूरों पर बरसाये पत्थर, पुल पर जड़ा ताला; SSB ने संभाला मोर्चा

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Dec 4, 2022, 09:59 PM IST

हाल के दिनों में नेपाल बॉर्डर पर सीमा को लेकर विवाद देखने को मिला है। कई बार तनातनी हो चुकी है। ताजा मामला उत्तराखंड और नेपाल बॉर्डर के पास का है। यहां नेपाल के लोगों ने जो हरकत की है, उसे किसी भी प्रकार से सही नहीं ठहराया जा सकता है।

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नेपाल बॉर्डर पर नेपालियों का हंगामा

Photo : BCCL

नेपालियों ने उत्तराखंड बॉर्डर पर रविवार को जमकर उत्पात मचाया। भारतीय मजदूरों पर नेपाल (Nepal) के लोगों ने जमकर पथराव किया, जिसमें कई लोग घायल हो गए हैं। बाद में इन लोगों को लाठीचार्ज करके भगाया गया और वहीं भारत की ओर से एसएसबी ने मोर्चा संभाल लिया है।

विरोध की वजह

मिली जानकारी के अनुसार भारत की ओर से काली नदी में तटबंध बनाया जा रहा है, जिसका ये लोग विरोध कर रहे थे। रिपोर्टों के अनुसार निर्माण कार्य में लगे भारतीय मजदूरों को डराने के लिए पत्थर फेंके गए, ताकि काम बंद हो जाए। पत्थरबाजी में कई मजदूरों के घायल होने की खबर है। इस घटना के समय नेपाल की ओर से सुरक्षाकर्मी नदारद रहे या शुरूआत में चुप्पी साधे रहे। जब भारतीय जवानों ने मोर्चा संभाला तो वो लोग भी प्रदर्शनकारियों को हटाने लगे।

हुआ लाठीचार्ज

फोर्स के पहुंचने के बाद भी नेपालियों के हमले जारी ही रहे। इसके बाद नेपाली पुलिस ने लाठी चार्ज करके उन्हें वहां से भगाया। लाठीचार्ज के दौरान नेपाल की ओर फंसे एक भारतीय मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने भारत-नेपाल सीमा पर बने अंतर्राष्ट्रीय झूला पुल को बंद कर दिया, उसपर ताले जड़ दिए। जिसके बाद दोनों ओर सैकड़ों लोग फंसे रह गए। एसएसबी के मोर्चा संभाले के बाद यह पुल खुला और लोगों ने राहत की सांस ली।

तनाव बरकरार

रिपोर्टों के अनुसार फिलहाल हंगामा शांत हो गया है। प्रदर्शनकारी वहां से हट गए हैं, लेकिन तनाव बरकरार है। हालांकि भारतीय सुरक्षा बलों के मोर्चा संभालने के बाद से अब हंगामे की कम ही उम्मीद है, फिर भी सुरक्षाबल सतर्क हैं।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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