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ईरान में कट्टरपंथी सोच की हार! झुक गई सरकार; अब हिजाब न पहने पर कार्रवाई नहीं करेगी पुलिस

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Dec 4, 2022, 11:43 PM IST

ईरान में हिजाब को लेकर पिछले तीन महीने से विरोध प्रदर्शन हो रहा था। इस प्रदर्शन में सैकड़ों लोगों की मौत भी हो चुकी है। जिसके बाद अब सरकार ने कानून को बदलने का ऐलान किया है। सरकार के इस कदम को कट्टरपंथियों की हार के रूप में देखा जा रहा है।

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ईरान में अब हिजाब न पहनने पर कार्रवाई नहीं (फोटो- एपी)

ईरान में महिलाओं के विरोध के आगे अब सरकार ने घुटने टेक दिए हैं। सरकार ने ऐलान किया है कि हिजाब पहनना अब मर्जी पर निर्भर करेगा। मतलब मर्जी है तो पहनिए, नहीं मर्जी है तो मत पहनिए। पुलिस अब कार्रवाई नहीं करेगी। ईरान में महिलाएं इसी को लेकर पिछले तीन महीने से प्रदर्शन कर रही थीं।

कहां से शुरू हुआ विवाद

तीन महीने पहले एक 22 वर्षीय महिला महसा अमिनी की हिरासत में मौत हो गई थी। पुलिस ने उसे हिजाब नहीं पहनने के कारण हिरासत में ले लिया था। इसी के बाद ईरान में हिजाब के विरोध में आंदोलन उठ खड़ा हुआ। जो बाद में हिंसक भी होता दिखा। 16 सितंबर को अमिनी की मौत के बाद से महिला प्रदर्शनकारी अपना हिजाब जला रही थीं, अपने बाल काट रही हैं, सरकार विरोधी नारे लगा रही हैं। साथ ही मुस्लिम मौलवियों के सिर से पगड़ी उतार रही थीं।

नैतिकता पुलिस इकाई भंग

तीन महीने के तीव्र विरोध के बाद, ईरान ने आखिरकार अपनी नैतिकता पुलिस इकाइयों को खत्म कर दिया है। ISNA समाचर एजेंसी के अनुसार ईरान के अटार्नी जनरल ने कहा कि नैतिकता पुलिस का न्यायपालिका से कोई लेना-देना नहीं है।

400 की मौत

हिजाब विरोधी प्रदर्शन के दौरान लगभग 400 लोगों की मौत भी हो गई है। इन मौतों को लेकर ईरान की पूरी दुनिया में आलोचना हो रही थी। कई वैश्विक संगठन भी ईरानी सरकार की कार्रवाई से नाराज थे।

कानून में बदलाव

नैतिकता पुलिस इकाइयों के खत्म करने के बाद अब ईरान सरकार हिजाब को लेकर कानून बदलने की तैयारी कर रही है। इस मामले पर अब नया कानून लाया जा सकता है, जिसमें सख्ती खत्म की जा सकती है।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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