Ladakh Protest: लद्दाख में बुधवार को हुए हिंसक प्रदर्शन में चार लोगों की मौत हुई है जबकि कम से कम 50 लोग घायल हुए हैं। यही नहीं प्रदर्शनकारियों ने लेह में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का कार्यालय भी जला दिया। प्रदर्शनकारी लद्दाख को छठवीं अनुसूची में शामिल करने और राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। यह प्रदर्शन बाद में हिंसक हो उठा। प्रदर्शनकारी सुरक्षाकर्मियों पर पत्थरबाजी करने लगे और उन पर काबू पाने के लिए पुलिसकर्मयों की ओर से फायरिंग की गई जिसमें चार लोगों ने जान गंवाई।
लेह जिले में कर्फ्यू लगाया
हिंसा के बाद लेह जिले में कर्फ्यू लगा दिया गया है। लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने कहा कि हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करके देश के कानून के अनुसार उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गुप्ता ने लद्दाख के लोगों को संबोधित करते हुए कहा, "एहतियाती उपाय के तौर पर कर्फ्यू लगाया गया है। यहां लोगों की जान गई है और मैं उनके परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। और अधिक रक्तपात को रोकने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जाएंगे।" उपराज्यपाल ने कहा कि किसी भी रूप में हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पुलिस और ज़िला प्रशासन को शांति भंग करने और संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने के लिए जिम्मेदार सभी तत्वों की पहचान करके उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। गुप्ता ने कहा कि लद्दाख में शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने की साजिश के तहत हिंसा भड़काई गई है।
उपद्रवियों से सख्ती से निपटना चाहिए-वैद्य
लेह के हिंसक प्रदर्शन पर जम्मू कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद्य ने कहा, 'जिस तरह बीजेपी कार्यालय को आग के हवाले किया गया, यह पूरी तरह से लक्षित हमला था, स्थानीय हिल काउंसिल को भी आग लगा दी गई। सीआरपीएफ की गाड़ियां और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। यह सब एक सोची-समझी साजिश लगती है। जिस तरह कांग्रेस ने पत्थरबाजी का समर्थन किया और बंद का आह्वान किया, मुझे नहीं लगता कि वे सकारात्मक भूमिका निभा रहे हैं। वे इस स्थिति का राजनीतिक फायदा उठाना चाहते हैं। इसलिए इसे सख्ती से निपटाना चाहिए। इस स्थिति को राजनीतिक लाभ लेने का माध्यम मानना गलत है।'
'युवाओं को गुमराह किया गया'
पूर्व डीजीपी ने कहा, 'युवाओं को गुमराह किया गया है। वे सोचते हैं कि वे किसी न्यायसंगत कारण के लिए लड़ रहे हैं, लेकिन वास्तव में उनका शोषण किया जा रहा है। युवाओं के सामने बेरोजगारी और कई अन्य चुनौतियां हैं लेकिन इन मुद्दों को चुने हुए प्रतिनिधियों के माध्यम से सरकार के सामने रखा जा सकता है। बेरोजगारी की समस्या केवल लद्दाख में ही नहीं है लेकिन (युवक) सोचते हैं कि वे हिंसा से इसे हल कर सकते हैं जबकि उन्हें अपने प्रतिनिधियों के माध्यम से सरकार पर दबाव डालना चाहिए कि वह योजनाएं लाए और रोज़गार के अवसर उपलब्ध कराए।''
सोनम वांगचुक पर केस दर्ज होना चाहिए-एसपी वैद्य
पुलिस के पूर्व अधिकारी ने कहा कि जरा सोचिए, सोनम वांगचुक अरब स्प्रिंग की बात करते हैं। वे नेपाल की सरकार को जेन जी द्वारा गिराए जाने की सराहना करते हैं। यह गहरी साज़िश लगती है। आखिरकार, किसी न किसी जिम्मेदार को चिह्नित करना होगा और सख्त कानूनी कार्रवाई करनी होगी। उन्हें पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत बुक करना चाहिए और हिंसा भड़काने का दोषी ठहराना चाहिए।'
