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LTTE को फिर से एक्टिव करने की साजिश... चेन्नई जेल में बंद श्रीलंकाई महिला से ED करेगी पूछताछ, एलटीटीई से जुड़ा है मामला

चेन्नई की विशेष NIA अदालत ने ED को श्रीलंका मूल की महिला आरोपी मैरी फ्रांसिस्का लेचुमनन से पुझल महिला जेल में पूछताछ की अनुमति दी है। फ्रांसिस्का पर फर्जी भारतीय पहचान पत्र और पासपोर्ट बनवाने, मुंबई के बैंक खातों से पैसे निकालने और इन पैसों का इस्तेमाल एलटीटीई (LTTE) को फिर से सक्रिय करने की साजिश में करने का आरोप है।

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श्रीलंका मूल की महिला आरोपी मैरी फ्रांसिस्का लेचुमनन से जेल में पूछताछ की ED को मिली इजाजत।(फोटो सोर्स: AP)

Photo : AP

चेन्नई की एक विशेष एनआईए अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को बड़ी राहत देते हुए श्रीलंका मूल की महिला आरोपी मैरी फ्रांसिस्का लेचुमनन से जेल में पूछताछ की इजाजत दे दी है। यह महिला फिलहाल चेन्नई की पुझल महिला जेल में बंद है। उस पर आरोप है कि उसने फर्जी भारतीय पहचान पत्र और पासपोर्ट बनवाए और मुंबई स्थित बैंक खातों से पैसे निकाले। इन पैसों के बारे में आशंका जताई गई है कि इनका इस्तेमाल प्रतिबंधित आतंकी संगठन लिट्टे (LTTE) की गतिविधियों को दोबारा जिंदा करने के लिए किया जाना था।

अदालत के आदेश के बाद अब ईडी अधिकारी दो दिनों तक जेल में जाकर आरोपी से पूछताछ कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें लैपटॉप, प्रिंटर और अन्य जरूरी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण इस्तेमाल करने की भी अनुमति दी गई है। अदालत ने कहा कि आरोपी पहले से न्यायिक हिरासत में है, इसलिए उसे सीधे ईडी की कस्टडी में देने की जरूरत नहीं है।

एलटीटीई को फिर से सक्रिय करने की साजिश

फ्रांसिस्का दिसंबर 2019 में टूरिस्ट वीजा पर भारत आई थी। शुरुआत में उस पर वीजा अवधि से ज्यादा रुकने और फर्जी दस्तावेज बनवाने का केस दर्ज हुआ। लेकिन बाद में जांच एजेंसियों को पता चला कि वह एलटीटीई को फिर से सक्रिय करने की साजिश का हिस्सा है।

इसी सूचना के आधार पर सात और लोगों को गिरफ्तार किया गया और मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दिया गया। एनआईए ने अपनी जांच में कहा था कि भारत और बाहर दोनों जगह कुछ लोग एलटीटीई के लिए समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं।

चेन्नई की पुझल जेल में बंद है फ्रांसिस्का

ईडी अब इस मामले के मनी लॉन्ड्रिंग पहलू की जांच कर रही है। एजेंसी का कहना है कि आरोपी से पूछताछ जरूरी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पैसों का लेन-देन किन लोगों और नेटवर्क तक गया। फिलहाल फ्रांसिस्का चेन्नई की पुझल जेल में बंद है और आने वाले हफ्ते में ईडी उससे पूछताछ करेगी।

यह केस एनआईए द्वारा दर्ज किए गए ऐसे चार मामलों में से एक है, जिनमें आरोप है कि एलटीटीई को फिर से सक्रिय करने की कोशिश की जा रही है। अदालत ने माना कि यह एक “अलग किस्म का मामला” है और जांच को आगे बढ़ाने के लिए जेल में ही पूछताछ करना जरूरी है।

यह मामला अब केवल फर्जी दस्तावेज या वीजा उल्लंघन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क और पैसों के प्रवाह की गुत्थी सुलझाने का बन गया है।

Anuj Mishra
अनुज मिश्राauthor

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले करीब दो दशकों से अनुज मिश्रा ने अपराध, आंतरिक सुरक्षा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की गहन रिपोर्टिंग और संपादकीय नेतृत्व किया है। उन्होंने सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग, एनआईए और खुफिया एजेंसियों से संबंधित बड़ी और संवेदनशील खबरों को नज़दीकी से कवर किया है। अनुज मिश्रा की सबसे बड़ी ताक़त उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग है। हर बड़ी और अहम खबर में वह ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद रहकर घटनाओं की प्रत्यक्ष कवरेज करते रहे हैं। यही कारण है कि उनकी रिपोर्टिंग में जमीनी सच्चाई और तथ्य हमेशा साफ़ झलकते हैं। टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ने से पहले अनुज मिश्रा देश के कई बड़े टेलीविज़न न्यूज़ चैनलों के साथ काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने अपनी पत्रकारिता और एडिटोरियल स्किल्स से अलग पहचान बनाई। अनुज ने न केवल देश-विदेश की बड़ी खबरों को जनता तक पहुँचाया है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता गलियारों से जुड़े घटनाक्रमों पर भी पैनी नज़र रखी है। उनकी पत्रकारिता शैली तथ्यपरक, इन्वेस्टिगेटिव और जमीनी हकीकत पर आधारित मानी जाती है। उन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध, ड्रग्स सिंडिकेट, हाई-प्रोफाइल जांच और सियासी घटनाक्रमों पर कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स की हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

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