दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में कैप्टन स्मित पर हमला करने वाले ओमानी को-पायलट को लेकर नई -नई जानकारी सामने आ रही है। रिपोर्ट के मुताबिक को-पायलट की पहचान हमाम अल हम्मामी (Hamam Alhamami) के रूप में हुई है। जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में हम्मामी ने संकेत दिया है कि उसका इरादा प्लेन को इजराइल में क्रैश कराना था। वहीं, अधिकारी अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि हमलावर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट उड़ाने की इजाजत कैसे दी गई। यही नहीं तेल अवीव जाने वाले विमान में वह फर्स्ट ऑफिसर कैसे बन गया, अधिकारी इस बात की भी जांच कर रहे हैं।
जांच में अधिकारियों का सहयोग कर रहा आरोपी
सऊदी अरब ने गुरुवार को हम्मामी को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को सौंप दिया। बताया जा रहा है कि वह जांच में अधिकारियों का सहयोग कर रहा है। अल हम्मामी ने अपनी जिंदगी का ज्यादातर हिस्सा ओमान से बाहर, विशेष रूप से सीरिया में बिताया था। आशंका है कि सीरिया प्रवास के दौरान ही वह चरमपंथी विचारधारा के प्रभाव में आया। कट्टरपंथी विचारों और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण ओमान के उड्डयन प्राधिकरण ने उसे विमान उड़ाने से रोक दिया था।
सीएनएन के अनुसार, उसे ओमान की राष्ट्रीय एयरलाइन के ट्रेनिंग प्रोग्राम से भी निकाल दिया गया था, हालांकि बाद में एयरलाइन में उसे कोई अन्य गैर-उड़ान भूमिका दे दी गई थी। आरोपी का जन्म संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में हुआ था, उसके पिता ओमानी और मां सीरियाई नागरिक हैं। वह आठ महीने पहले ही फ्लाईदुबई एयरलाइन में शामिल हुआ था।
रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी को-पायलट के सामान की तलाशी लेने पर "फ्री फलस्तीन" समूहों के पैम्फलेट, साहित्य और इजराइल विरोधी सामग्री बरामद हुई है। जांचकर्ताओं का कहना है कि आरोपी कई बार इजराइल के प्रति अपनी नफरत और कट्टरपंथी इस्लामी विचारधारा का खुलकर समर्थन कर चुका था।
