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'लड़की हूं, लड़ सकती हूं' से UP कांग्रेस अध्यक्ष तक... कौन हैं आराधना मिश्रा 'मोना', जो बनीं यूपी कांग्रेस की नई अध्यक्ष

आराधना मिश्रा 'मोना' को UP कांग्रेस का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। रामपुर खास से 3 बार की विधायक और दिग्गज नेता प्रमोद तिवारी की बेटी 'मोना' की जानें पूरी प्रोफाइल।

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आराधना मिश्रा 'मोना' का सियासी सफर, संपत्ति और चुनौतियां
Authored by: निशांत तिवारी
Updated Oct 3, 2026, 06:43 IST
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उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस ने अपने संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए आराधना मिश्रा 'मोना' को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (UPCC) का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। वह अजय राय की जगह लेंगी। इसके साथ ही सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद को प्रदेश का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। वरिष्ठ नेताओं देविंदर निषाद और आलोक प्रसाद को पार्टी का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। प्रियंका गांधी वाड्रा की करीबी मानी जाने वाली आराधना मिश्रा को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर कांग्रेस ने राज्य में महिला नेतृत्व और अनुभवी ब्राह्मण चेहरे पर दांव खेला है।

'गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड' वाले अजेय नेता की बेटी

आराधना मिश्रा 'मोना' की राजनीतिक विरासत बेहद मजबूत रही है। उनके पिता प्रमोद तिवारी कांग्रेस के कद्दावर नेता, राज्यसभा में उपनेता प्रतिपक्ष और उत्तर प्रदेश की राजनीति का एक बड़ा चेहरा हैं। प्रमोद तिवारी ने प्रतापगढ़ की रामपुर खास विधानसभा सीट से लगातार 9 बार विधायक बनने का कीर्तिमान रचा है। एक ही पार्टी और एक ही चुनाव चिन्ह से लगातार जीतने के कारण उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज है। इस सीट पर पिछले 47 वर्षों से तिवारी परिवार का निर्बाध कब्जा रहा है।

इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से लेकर पंचायत राजनीति का अनुभव

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी करने वाली आराधना मिश्रा ने सीधे राज्य स्तर की राजनीति में उतरने के बजाय जमीनी स्तर से शुरुआत की उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत स्थानीय शासन और सामाजिक कार्यों (NGOs) से की। वह वर्ष 2000 से उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की सदस्य हैं। 2012 के यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने पार्टी की मीडिया अभियान समिति में रहकर चुनाव प्रबंधन का काम संभाला।

3 बार की विधायक और हैट्रिक का रिकॉर्ड

जब 2013-14 में प्रमोद तिवारी राज्यसभा में निर्वाचित हुए, तो रामपुर खास सीट पर हुए उपचुनाव में आराधना पहली बार विधायक चुनी गईं। 2017 में राज्य में प्रचंड भारतीय जनता पार्टी (BJP) की लहर के बावजूद आराधना ने रामपुर खास सीट पर कांग्रेस का परचम लहराया। साल 2022 में 18वीं विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा उम्मीदवार को 14,741 वोटों के अंतर से हराकर रामपुर खास से लगातार तीसरी बार विधायक बनने की हैट्रिक बनाई। 2019 से वह यूपी विधानसभा में कांग्रेस विधानमंडल दल (CLP) की नेता के रूप में पार्टी की आवाज बुलंद कर रही हैं।

प्रियंका गांधी की करीबी हैं मोना

आराधना मिश्रा को पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा का बेहद करीबी माना जाता है। 2022 के विधानसभा चुनाव में प्रियंका गांधी के महिला-केंद्रित अभियान "लड़की हूं, लड़ सकती हूं" की रूपरेखा तैयार करने और उसे जमीन पर उतारने में आराधना ने मुख्य भूमिका निभाई थी।

प्रियंका गांधी की करीबी मानी जाती हैं मोना

प्रियंका गांधी की करीबी मानी जाती हैं मोना

आराधना मिश्रा की कितनी है संपत्ति

2022 के चुनावी हलफनामे के अनुसार, आराधना और उनके पति अंबिका मिश्रा की व्यक्तिगत चल संपत्ति की बात करें तो, आराधना मिश्रा के पास लगभग 1.07 करोड़ की चल संपत्ति है, जिसमें 30 हजार नकद, 400 ग्राम सोना, 2 किग्रा चांदी और 1.25 लाख की पिस्टल शामिल है। वहीं उनके पति अंबिका मिश्रा के पास लगभग 4.95 करोड़ की चल संपत्ति और 27.25 करोड़ की अचल संपत्ति है। उनके पास 45 लाख रुपये की मस्टैंग GT कार, कैंट लखनऊ में 12.75 करोड़ की रिहायशी संपत्ति और चारबाग में 9.30 करोड़ की अम्बालिका बिल्डिंग में हिस्सेदारी है। साल 2020-21 के ITR के अनुसार, आराधना की वार्षिक आय 14.09 लाख और उनके पति की वार्षिक आय 28.43 लाख (कृषि एवं व्यवसाय) दर्ज की गई थी।

नया पद और सामने खड़ी चुनौतियां

उत्तर प्रदेश में सिमटती कांग्रेस को फिर जिंदा करना आराधना मिश्रा 'मोना' के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी। पश्चिमी यूपी में जनाधार रखने वाले इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर पार्टी ने दलित-मुस्लिम-ब्राह्मण समीकरण को साधने का प्रयास किया है। आराधना मिश्रा के सामने सबसे पहली और बड़ी जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए सपा-कांग्रेस गठबंधन को मजबूती देना, जिला स्तर पर मृतप्राय पड़े संगठन में नई ऊर्जा फूंकना और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाना होगा।

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