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मणिपुर में थम नहीं रही हिंसा, हथियारबंद लोगों के हमले में स्पेशल फोर्स के जवान समेत दो की मौत

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Nov 21, 2023, 06:37 AM IST

सीओटीयू ने एक बैठक में मांग रखी कि मुख्यमंत्री बीरेन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार राज्य में आदिवासियों के लिए एक अलग प्रशासन की व्यवस्था करे।

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मणिपुर हिंसा

Photo : PTI

Manipur: मणिपुर के कांगपोकपी जिले में अज्ञात हथियारबंद लोगों द्वारा घात लगाकर किए गए हमले में इंडिया रिजर्व बटालियन (IRB) के एक जवान और एक नागरिक की मौत हो गई। मारे गए लोगं की पहचान लीमाखोंग मिशन वेंग गांव के हेनमिनलेन वैफेई और इंफाल पश्चिम जिले के हुनखो कुकी गांव के निवासी थांगमिनलुन हैंगसिंग के रूप में की गई है। यह हमला हरओथेल और कोबशा गांवों के बीच हुआ, जहां आईआरबी कर्मियों और उनके ड्राइवर को ले जा रही एक मारुति जिप्सी पर गोलीबारी हुई, जिसके बाद ये मौतें हुईं। हमले के दौरान हेनमिनलेन वैफेई और थांगमिनलुन हैंगसिंग दोनों की चोटों के कारण मौत हो गई।

इलाके में अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि हमले के बाद इलाके में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है और घटना में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तलाश की जा रही है। इस बीच, एक आदिवासी संगठन ने दावा किया कि कुकी-जो समुदाय को बिना उकसावे के निशाना बनाया गया। कांगपोकपी में स्थित आदिवासी एकता समिति (COTU) ने कांगपोकपी में आपातकालीन बंद की घोषणा की है, और स्थानीय लोगों से सामान्य गतिविधियों को निलंबित करने की अपील की है।

सीओटीयू ने रखी कई मांगें

सीओटीयू ने एक बैठक में मांग रखी कि मुख्यमंत्री बीरेन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार राज्य में आदिवासियों के लिए एक अलग प्रशासन की व्यवस्था करे। अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मैतेई समुदाय की मांग के विरोध में मणिपुर के पहाड़ी जिलों में 'आदिवासी एकजुटता मार्च' आयोजित होने के बाद मई से पूर्वोत्तर राज्य हिंसा की चपेट में है। 3 मई को दो आदिवासी समूहों, कुकी और मैतेई समुदाय के बीच जातीय संघर्ष शुरू होने के बाद से लगभग 200 लोग मारे गए हैं। मणिपुर की सीमा नगालैंड, मिजोरम और असम से लगती है, इसके अलावा इसके पूर्व में म्यांमार के साथ एक अंतरराष्ट्रीय सीमा भी लगती है।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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