समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव और पार्टी से हाल ही में निष्कासित चायल विधायक पूजा पाल के बीच विवाद ने उत्तर प्रदेश की सियासत में हलचल मचा दी है। रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने पूजा पाल द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह मामला "गंभीर चिंता" का विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यह बयान उस पत्र के बाद आया है जिसमें पूजा पाल ने अखिलेश यादव को सीधे तौर पर अपनी सुरक्षा के लिए जिम्मेदार ठहराया था। पाल ने पत्र में लिखा था कि यदि उन्हें कुछ होता है तो समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव इसके लिए जिम्मेदार होंगे।
अखिलेश का सवाल
यादव ने पूजा पाल के इस दावे पर सवाल उठाए कि उन्हें समाजवादी पार्टी और सपा नेताओं से जान का खतरा है। उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा- "यह समझ से परे है कि कोई व्यक्ति मुख्यमंत्री से मिल रहा है और उसे किसी अन्य पार्टी के नेता से जान का खतरा है। मैं इसे समझ नहीं पा रहा हूं…”
केंद्र सरकार से सुरक्षा की मांग
सपा प्रमुख ने बताया कि पार्टी ने केंद्र सरकार से पूजा पाल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार पर उन्हें भरोसा नहीं है। यादव ने कहा- “यहां हमलोग जेल चले जाएंगे। मार देंगे बीजेपी वाले... जांच जरूरी है। हम उत्तर प्रदेश सरकार पर इस मामले में भरोसा नहीं कर सकते। इसलिए हमने केंद्र सरकार के गृह मंत्री को यह पत्र लिखा है। हमें उम्मीद है कि वे न्याय सुनिश्चित करेंगे...।"
समय पर उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने पूजा पाल के आरोपों के समय पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पाल लंबे समय से सपा के साथ थीं और इस दौरान उन्होंने कभी भी किसी प्रकार की धमकी की बात नहीं की। “कई सालों तक वह हमारे साथ रहीं, फिर उन्हें किसी से कोई ख़तरा नहीं था,” यादव ने कहा।
