Sonam Wangchuk : पर्यावरण एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक पर जांच एजेंसी केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच के दायरे में आ गए हैं। सीबीआई ने वांगचुक की संस्था के खिलाफ विदेश से मिली फंडिंग की जांच कर रही है। पर्यावरण कार्यकर्ता पर अपनी संस्था के लिए अवैध तरीके से विदेश से फंडिंग लेने का आरोप है। जांच एजेंसी वांगचुक के NGO हिमालयन इंस्टिट्यूट ऑफ एडवांस्ड लर्निंग (HIAL) के खिलाफ कथित FCRA उल्लंघन की जांच शुरू की है।
अगस्त में HIAL का जमीन आवंटन रद्द
इस मामले में अभी एफआईआर दर्ज नहीं हुई है, अभी केवल जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। अगस्त में लद्दाख प्रशासन ने HIAL का जमीन आवंटन रद्द किया था। प्रशासन का दावा है कि जमीन का उपयोग आवंटन उद्देश्य के लिए नहीं हुआ और कोई लीज एग्रीमेंट भी नहीं हुआ।
बुधवार को हुए प्रदर्शन में हुई 4 लोगों की मौत
लेह में एक दिन पहले बुधवार को प्रदर्शनकारियों की पुलिस से हिंसक झड़प हुई। इस झड़प में चार लोगों की मौत हो गई थी और 80 से अधिक लोग घायल हो गए। लद्दाख को राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर बुधवार को यहां जारी आंदोलन हिंसक हो गया और इस दौरान सड़कों पर आगजनी और झड़पें हुई। आंदोलन के हिंसक रूप लेने के बाद पर्यावरण कार्यकर्ता वांगचुक ने 15 दिन से जारी अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी।
हिंसा के लिए सरकार ने वांगचुक को जिम्मेदार ठहराया
लद्दाख में हुई हिंसा के लिए सरकार ने सोनम वांगचुक को जिम्मेदार ठहराया है। सरकार ने कहा है कि वांगचुक के भाषण ने युवाओं को हिंसा के लिए उकसाया। गृह मंत्रालय ने बुधवार को दावा किया करते हुए कहा कि 'अरब स्प्रिंग और नेपाल के जेन जी प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए वांगचुक ने लोगों को गुमराह किया।'
एंबुलेंस में सवार होकर अपने गांव चले गए वांगचुक
सरकार का कहना है कि वांगचुक का भाषण सुनने के बाद भीड़ हिंसा, उपद्रव, पत्थरबाजी और आगजनी करने पर उतारू हुई। उसने भाजपा कार्यालय को भी आग के हवाले कर दिया। सरकार ने यह भी कहा है कि वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल खत्म तो की लेकिन स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए उन्होंने कोई प्रयास नहीं किया। वह एंबुलेंस में सवाल होकर अपने गांव चले गए।
