लद्दाख के समाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी है। उन्हें लेह के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सोनम ने आज यानी बुधवार 24 सितंबर को लेह में उनके समर्थकों की पुलिस के साथ हुई झड़प और हिंसा की घटना के बाद भूख हड़ताल खत्म करने का फैसला लिया।
लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने के लिए समाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी है। उन्हें लेह के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सोनम ने आज यानी बुधवार 24 सितंबर को लेह में उनके समर्थकों की पुलिस के साथ हुई झड़प और हिंसा की घटना के बाद भूख हड़ताल खत्म करने का फैसला लिया। वांगचुक ने अपने ट्वीट में कहा कि उनका शांति के पथ पर चलने का संदेश आज फेल हो गया। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और हिंसा को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। साथ ही कहा कि हिंसा से हमारे मकसद को नुकसान ही पहुंचेगा।
बता दें कि केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लेह में समाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन का आज 15वां दिन था। लद्दाख के संवैधानिक अधिकारों को लेकर आंदोलन पिछले कुछ दिनों से काफी तेज हो गया था। आज पुलिस और वांगचुक के समर्थकों के बीच झड़प हुई। इस दौरान पत्थरबाजी और आगजनी की घटनाएं भी हुईं थीं।
पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और स्थानीय निवासी 35 दिन तक चलने वाली इस भूख हड़ताल पर बैठे थे। उनकी प्रमुख मांगें लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और केंद्र शासित प्रदेश को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की थीं, ताकि क्षेत्र को जनजातीय दर्जा मिल सके।
सोनम वांगचुक पिछले 15 दिनों से लेह में भूख हड़ताल पर थे। आज वांगचुक के समर्थकों का संयम उस समय टूट गया, जब अनशन पर बैठे दो कार्यकर्ता शेरिंग आंगचुक (72) और ताशी डोलमा (60) बीमार हो गए। दोनों को लद्दाख के अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने लद्दाख को राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर भाजपा दफ्तर पर प्रदर्शन किया। इस दौरान भाजपा दफ्तर में तोड़फोड़ की गई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की गाड़ी को आग के हवाले कर दिया। इसके बाद सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी।
लेह एपेक्स बॉडी ने आज युवाओं से प्रदर्शन में शामिल होने को कहा और बंद का ऐलान किया था। देखते ही देखते प्रदर्शनकारियों ने पत्थर फेंकने शुरू कर दिए और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान भी पहुंचाया। भीड़ लेह में भाजपा कार्यालय में घुस गई और वहां तोड़फोड़ की। हालात को काबू करने के लिए प्रशासन ने तुरंत CRPF को तैनात कर दिया।
