Devendra Fadnavis: ऑपरेशन सिंदूर पर कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण के बयान पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तीखा हमला बोला है। फडणवीस ने गुरुवार को कहा कि ‘कुछ लोग मानसिक संतुलन खो बैठे हैं।’ हालांकि, सीएम ने चव्हाण का नाम नहीं लिया। चव्हाण महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री चव्हाण सात मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के पहले दिन पाकिस्तान के साथ हवाई लड़ाई में भारत की ‘पूर्ण पराजय’ का दावा करने के बाद आलोचनाओं के घेरे में हैं। अपने इस बयान के बाद चव्हाण भाजपा नेताओं के निशाने पर हैं।
चव्हाण ने पाकिस्तान से हारने का दावा किया है
यहां देवली में एक जनसभा को संबोधित करते हुए फडणवीस ने कहा, ‘मुझे नहीं पता कि कुछ राजनीतिक दलों और नेताओं को क्या हो रहा है। कुछ दिन पहले कांग्रेस के एक नेता ने एक साक्षात्कार में दावा किया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भारत पाकिस्तान से हार गया। उन्होंने दावा किया कि हमारे लड़ाकू विमान क्षतिग्रस्त हो गए। उन्होंने तो यहां तक कह दिया कि भारत की सेना का आकार कम किया जाना चाहिए।’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘दरअसल, वे (ऐसे नेता) अपना मानसिक संतुलन खो बैठे हैं। इसलिए हम उनसे कुछ नहीं कह सकते। मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि ऐसे लोगों पर ध्यान न दें।’
पार्टी से चव्हाण को निकाले कांग्रेस-भाजपा
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण की टिप्पणी को बृहस्पतिवार को राष्ट्रविरोधी करार दिया और मांग की कि कांग्रेस नेतृत्व भारतीय सेना के ‘अपमान’’ के लिए पार्टी नेता की ओर से माफी मांगे।
भाजपा ने कांग्रेस से चव्हाण के निष्कासन की भी मांग की।
चव्हाण ने माफी मांगने से इंकार किया
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने बुधवार को कहा कि वह अपने इस बयान पर कायम हैं कि सात मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के पहले दिन पाकिस्तान के साथ हवाई संघर्ष में भारत को ‘पूरी तरह से हार’ का सामना करना पड़ा था। पूर्व केंद्रीय मंत्री चव्हाण ने जम्मू कश्मीर के पहलगाम में अप्रैल में पर्यटकों पर आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान और इसके कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकी ठिकानों के खिलाफ भारतीय सैन्य अभियान पर अपनी टिप्पणियों के लिए आलोचनाओं के बावजूद माफी मांगने से इनकार कर दिया। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद जफर इस्लाम ने पार्टी मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए चव्हाण पर जमकर निशाना साधा और उनकी टिप्पणियों को "राष्ट्र-विरोधी" करार दिया।
