नई दिल्ली : वर्ष 2022 का आखिरी सूर्य ग्रहण (Surya Grahan) 25 अक्टूबर को देश के कई हिस्सों में देखा गया। शाम 4.30 बजे से ये ग्रहण देश के अलग अलग हिस्सों में दिखाई दिया। सबसे पहले श्रीनगर में सूर्य ग्रहण देखा गया। दिल्ली में ग्रहण की शुरुआत शाम 4:29 बजे हुई। यह ग्रहण शाम में लगा इसलिए इस खगोलीय घटना का अंत दिखाई नहीं दिया क्योंकि यह सूर्यास्त के बाद होगा। खगोल विज्ञान प्रेमियों ने चंद्रमा द्वारा सूर्य के प्रकाश को ढक देने के इस खगोलीय घटना को टकटकी लगा कर बड़ी रुचि के साथ देखा। दिल्ली, नोएडा, जम्मू, मुंबई, अमृतसर और लखनऊ में लोगों ने सूर्य ग्रहण को देखा।
सूर्य ग्रहण (Solar eclipse) के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने कुरुक्षेत्र के पवित्र सरोवरों में स्नान किया। अधिकारियों ने बताया कि जिला प्रशासन ने सूर्य ग्रहण के दौरान आयोजित मेले के मद्देनजर पांच लाख से अधिक लोगों के ठहरने की व्यवस्था की थी। कुरुक्षेत्र में शाम 4.27 बजे से शाम 5.39 बजे के बीच ग्रहण रहा। हिंदू मान्यताओं के अनुसार सूर्य ग्रहण के दौरान कुरुक्षेत्र के पवित्र सरोवरों में स्नान करना शुभ माना जाता है। श्रद्धालुओं का कहना है कि सूर्य ग्रहण के दौरान यहां के पवित्र सरोवरों में डुबकी लगाने का विशेष महत्व है। इस मौके पर यहां आना मेरा सौभाग्य समझते हैं। इस बीच, साधु-संत पवित्र ब्रह्म सरोवर पहुंचे और वहां हवन किया गया। अन्य शहरों, गांवों में लोगों ने नदियों भी स्नान किया।
सूर्य ग्रहण अमावस्या के दिन लगता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है और जब तीनों आकाशीय पिंड एक रेखा में आ जाते हैं। आंशिक सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा सूर्य को आंशिक रूप से ढक लेता है। ग्रहण वाले सूर्य को नंगी आंखों से नहीं देखना चाहिए, यहां तक कि बहुत कम समय के लिए भी नहीं क्योंकि इससे अंधापन हो सकता है। सूर्य ग्रहण को देखने के लिए किसी सुरक्षित तकनीक का इस्तेमाल करना चाहिए।
