नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के 'मोहब्बत की दुकान' (Mohabbat Ki Dukan) पर तीखा हमला करते हुए केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी (Smriti Irani) ने गुरुवार को भारतीय लोकतंत्र के प्रति उनके प्रेम और नए संसद भवन के उद्घाटन के बहिष्कार पर सवाल उठाया। स्मृति ईरानी ने कहा कि ये कैसा प्यार है जो सिखों का कत्लेआम करता है? ये कैसा प्यार है जो कोयला और चारा लूटने वालों से हाथ मिला लिया? ये कैसा प्यार है जो सेंगोल का अपमान करता है? ये कैसा प्यार है जो अपनी ही संसद का बहिष्कार करता है? यह कैसा प्यार है जो 'द केरला स्टोरी' के आने पर बोलता नहीं है? यह कैसा प्यार है, जो भारत को कोसने वालों से हाथ मिलाता है और उन्हें गले लगाता है? यह कैसा प्यार है? विदेशों में भारत को बदनाम करने के लिए राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि ये कैसा प्यार है जो भारत को कोसने वालों को गले लगाने वालों से हाथ मिलाते हैं, ये कैसा प्यार है? एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्मृति ईरानी ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भारत सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और कहा कि आज सरकार में महिलाएं सुरक्षित हैं। इसके अलावा उन्होंने मीडिया के सामने मोदी सरकार के 9 साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपलब्धियां भी रखीं।
लोकतंत्र को चोट पहुंचाने के लिए बाहरी ताकतों की मदद ले रही है कांग्रेस
स्मृति ईरानी ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व भारतीय लोकतंत्र को चोट पहुंचाने के लिए बाहरी ताकतों का इस्तेमाल कर रहा है और सत्ता की भूख में देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को चोट पहुंचाने पर उतारू है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व हमारे लोकतंत्र को चोट पहुंचाने के लिए बाहरी ताकतों का इस्तेमाल कर रहा है। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, कांग्रेस नेताओं की ऐसी गतिविधियों का वर्णन अपने आप में एक संकेत है कि कांग्रेस सत्ता पर कब्जा करने की कोशिश कर रही है। सत्ता की भूख में, वे अपने देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर चोट कर रहे हैं। गांधी परिवार के लोग इतने बेबस क्यों हैं?
बिहार में जैसे पुल बह गया, वैसे ही नीतीश कुमार चाहत भी बह जाएगी
नीतीश कुमार की विपक्षी एकता के बारे में बात करते हुए स्मृति ईरानी ने कहा कि बिहार में जैसे पुल बह गया, वैसे ही उनकी चाहत भी बह जाएगी। स्मृति ईरानी ने कहा कहा कि जो लोग एक-दूसरे को सहारा देना चाह रहे हैं, वे अपने पैरों पर खड़े होने में भी विफल हो गए हैं, 1750 करोड़ का एक पूरा ढांचा (बिहार पुल ढहना) पानी में डूबा हुआ है। मुझे विश्वास है कि 2024 में उनकी इच्छाएं भी इस तरह से बह जाएंगी। ओडिशा ट्रिपल ट्रेन हादसे और सीबीआई जांच को लेकर ममता बनर्जी के बयान पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि जो सच्चाई से विमुख नहीं हैं उन्हें सीबीआई जांच पर भी सवाल नहीं उठाना चाहिए।
बीजेपी मुस्लिम विरोधी पार्टी है?
बीजेपी एक मुस्लिम विरोधी पार्टी है, इस सवाल के जवाब में अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता सभी के समग्र विकास को सुनिश्चित करना है। उन्होंने आगे कहा कि मोदी सरकार ने कांग्रेस के 12,000 करोड़ रुपए के मुकाबले 31,450 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया है, जो खुद सरकार की प्राथमिकता के बारे में बताता है। स्मृति ईरानी ने कहा कि मुझे लगता है कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि हर वर्ग और समुदाय या किसी भी जरुरत के लिए वित्तीय आवंटन किया जाए। उन्हें खुद को मुस्लिम समुदाय के रक्षक कहने वाले गांधी परिवार से पूछना चाहिए कि उनकी सरकार ने केवल 12,000 करोड़ रुपए किया और पिछले 9 वर्षों में मोदी सरकार ने 31,450 करोड़ रुपए का बजट दिया है। आंकड़े खुद केंद्र की प्राथमिकता के बारे में सच्चाई बताते हैं।
