Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में कुछ न कुछ लगातार चल रहा है। अब ऐसी चर्चा है कि शिवसेना यूबीटी के कुछ विधायक आदित्य ठाकरे को विपक्ष का नेता बनाना चाहते हैं। शिवसेना यूबीटी के इन नेताओं का मानना है कि ऐसा होने से राज्य को आदित्य ठाकरे के रूप में एक युवा विपक्षी नेता मिल सकता है और पार्टी को भी उनसे फायदा हो सकता है। उद्धव गुट के नेताओं का मानना है कि यदि आदित्य का नाम विपक्ष के नेता पद के लिए दिया जाता है तो विधानसभा अध्यक्ष इस पर जल्द निर्णय ले सकते हैं।
चर्चा में भास्कर जाधव का भी नाम
नेता प्रतिपक्ष पद के लिए आदित्य के अलावा पार्टी के सबसे ज्यादा अनुभवी और 7 बार के विधायक भास्कर जाधव के नाम की भी चर्चा है लेकिन जाधव का पार्टी में बढ़ रहे विरोध को देखते हुए शायद उन्हें इस पद की जिम्मेदार न दी जाए। जाधव पिछले कुछ दिनों से पार्टी के खिलाफ बयान दे रहे हैं। यह भी चर्चा है कि वह एकनाथ शिंदे के संपर्क में हैं। इसी वजह से उनके नाम का विरोध किया जा रहा है। वहीं, आदित्य भी फड़णवीस सरकार से सबसे ज्यादा सवाल भी करते हैं और भाजपा के निशाने पर रहते हैं। लेकिन इन सबके बीच विपक्ष के नेता पद के लिए अब तक उद्धव गुट ने कांग्रेस या पवार गुट एनसीपी से चर्चा नहीं की है। महाराष्ट्र विधानसभा का बजट सेशन तीन मार्च से शुरू होने वाला है। ऐसे में समझा जा रहा है कि शिवसेना यूबीटी इस दिशा में कोई पहल कर सकती है।
पवार एनसीपी में नेताओं को संभागवार जिम्मेदारियां दी गईं
महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार की अध्यक्षता में शुक्रवार को पार्टी नेताओं के साथ हुई बैठक के बाद सभी को (नेताओं) संभागवार जिम्मेदारियां सौंपी गईं। पवार ने बैठक के दौरान नेताओं से राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा करने और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की सरकार के कामकाज पर नजर रखने के लिए कहा। फडणवीस सरकार 100 दिन पूरे कर रही है। राकांपा (एसपी) के सांसद अमोल कोल्हे ने बैठक के बाद पत्रकारों से कहा, ‘नेताओं को संभागवार जिम्मेदारियां दी गई हैं। अनिल देशमुख और राजेंद्र शिंगणे विदर्भ का कामकाज देखेंगे जबकि मराठवाड़ा को राजेश टोपे और जयप्रकाश दांडेगांवकर संभालेंगे।’
