Iran-America Ceasefire: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ दो सप्ताह का युद्धविराम कर लिया है। यह समझौता तेहरान को होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने या नागरिक बुनियादी ढांचे पर विनाशकारी हमलों का सामना करने के लिए दी गई समय सीमा से दो घंटे से भी कम समय पहले हुआ। इस बीच इसे लेकर भारत में लोगों की क्या प्रतिक्रिया है?
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की सीजफायर की घोषणा पर, शिया मरकजी चांद कमेटी के अध्यक्ष सैयद सैफ अब्बास नकवी कहते हैं, 'मैं सभी को बधाई देता हूं। ईरान जीत गया है। यह दुनिया के लिए अच्छी खबर है कि ईरान ने उस गुंडे को रोक दिया, जो पूरी दुनिया में आतंक फैला रहा था... पूरी दुनिया देख रही है कि ईरान में जश्न मनाया जा रहा है और इजरायल और अमेरिका में कैसा माहौल है...'
वहीं, ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास कहते हैं, 'अमेरिका खुद को एक महाशक्ति मानता था... 40वें दिन ईरान जीत गया है, और अमेरिका और इजरायल हार गए हैं... मैं ईरान की जीत पर सभी को बधाई देता हूं।'
अमेरिका और ईरान ने दो सप्ताह के संघर्षविराम पर सहमति जताई
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार देर रात ईरान पर बड़े हमलों की अपनी धमकी से पीछे हटते हुए तनाव कम करने का रुख दिखाया। यह फैसला उन्होंने तेहरान को समझौते के लिए दी गई तय समयसीमा खत्म होने से लगभग दो घंटे पहले लिया। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान दो सप्ताह के संघर्षविराम पर सहमत हो गए हैं, लिहाजा वह ईरान के पुलों और बिजली संयंत्रों पर हमले की अपनी योजना फिलहाल टाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष विराम में होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना भी शामिल है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने कहा कि उसने संघर्षविराम को स्वीकार कर लिया है और वह शुक्रवार से पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका से बातचीत करेगा।
