Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में एनसीपी की टूट के बाद बीजेपी के देवेंद्र फडणवीस चर्चा में आ गए। सूबे में हुए इस सियासी घटनाक्रम के पीछे का आर्किटेक्ट उन्हें ही समझा जा रहा है। सियासी गलियारों में कुछ लोग उन्हें नया चाणक्य करार देने लगे। हालांकि, खुद को चाणक्य बताने के सवाल पर उन्होंने अपने आप को आम आदमी ही बताया। कहा कि वह चाणक्य नहीं है, मगर वह कुछ भूलते भी नहीं है। अगर कोई उनके साथ कुछ गड़बड़ करता है तब वह उसे अपने जहन में याद रखते हैं।
ये बातें उन्होंने हाल ही में समाचार एजेंसी एएनआई की एडिटर स्मिता प्रकाश को दिए इंटरव्यू में बताई थीं। उनसे सवाल हुआ था कि महाराष्ट्र के चाणक्य शरद पवार माने जाते थे, मगर जिस तरह पिछले साल आपने ऑपरेशन कमल किया और सरकार में बीजेपी को वापस लेकर आए, उससे तो आप चाणक्य ही बन गए क्या? देवेंद्र ने इस पर दो टूक जवाब दिया- नहीं...मैं बहुत छोटा आदमी हूं, मैं कोई चाणक्य नहीं हूं।
बकौल फडणवीस, "यह बात जरूर है कि जब मेरे साथ कोई गलत व्यवहार करता है या फिर धोखा देता है, तब मैं उस चीज को याद रखता हूं। मैं अपना वक्त आने की राह देखता हूं।" आगे यह पूछे जाने पर कि तब आपने कहा था कि वक्त आने पर बताऊंगा...अब तो वक्त आ गया है, बता दीजिए? जवाब आया- कुछ चीजें तो बताई न...बाकी चीजों का वक्त आना है।
मूल रूप से नागपुर से नाता रखने वाले सूबे के पूर्व डिप्टी सीएम फडणवीस इससे पहले भी राज्य में राजनीतिक परिदृश्य बदलने में अहम भूमिका निभा चुके हैं। वह अपनी चतुर सियासी रणनीतियों के लिए जाने जाते हैं।
