गुजरात के अहमदाबाद जिले के रामोल-गात्राड रोड स्थित मेहमूदपुरा इलाके में शनिवार दोपहर एक पटाखा निर्माण इकाई में भीषण विस्फोट के बाद आग लग गई। धमाका इतना तेज था कि कई लोग दूर तक जा गिरे। हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो गई है,जबकि छह से अधिक लोग घायल हुए हैं। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
घटना के बाद पुलिस, फायर ब्रिगेड, RAF, सिविल डिफेंस और 108 एंबुलेंस सेवा की टीमें मौके पर पहुंचीं। घायलों को तत्काल अहमदाबाद सिविल अस्पताल और एलजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अधिकारियों ने बताया कि हादसे बाद एलजी अस्पताल में कुल 9 लोगों को लाया गया था। इनमें से 4 लोगों को घटनास्थल पर ही मृत घोषित किया गया था,जिनमें 1 पुरुष और 3 महिलाएं शामिल थीं। वहीं, एलजी अस्पताल में भर्ती 5 घायलों में से इलाज के दौरान 4 की मौत हो गई। इलाज के दौरान मृत हुए 4 लोगों में 1 पुरुष और 3 बच्चे शामिल हैं।अस्पताल प्रशासन ने बताया कि सभी मृतक करीब 95 प्रतिशत तक झुलसे हुए थे। फिलहाल, एलजी अस्पताल में 1 महिला का इलाज चल रहा है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार,महिला की स्थिति स्थिर है।
इसके अलावा, असारवा सिविल अस्पताल में भी कुल 6 लोगों को लाया गया था। इनमें से 1 मरीज की मौत हो गई है।अब वहां 5 मरीजों का इलाज जारी है। सभी घायलों का इलाज ट्रॉमा सेंटर की चौथी मंजिल स्थित बर्न वार्ड में किया जा रहा है।
दोपहर में हुआ जोरदार धमाका
सिविल डिफेंस वार्डन पुष्करभाई कलाल ने बताया कि दोपहर करीब 3 बजे उन्हें विस्फोट जैसी तेज आवाज सुनाई दी। सूचना मिलते ही वह टीम के साथ मौके पर पहुंचे। अंदर से लोगों की चीख-पुकार सुनाई दे रही थी। बचाव दल ने गंभीर रूप से घायल लोगों को बाहर निकालकर एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया। उन्होंने बताया कि परिसर के अंदर कई लोग गंभीर हालत में मिले और आसपास के खेतों में भी तलाशी ली गई।50 मीटर दूर तक मिले शव
RAF-100 के कमांडेंट अधिकारी रितुल दाह ने बताया कि विस्फोट की सूचना मिलने के बाद उनकी क्विक रिएक्शन टीम एंबुलेंस और फायर टेंडर के साथ मौके पर पहुंची। तलाशी अभियान के दौरान कई घायल और मृतक फैक्ट्री परिसर के अलावा आसपास के खेतों में भी मिले। कुछ शव और घायल विस्फोट स्थल से लगभग 50 मीटर दूर तक बिखरे हुए थे।
11 दमकल वाहन पहुंचे, जांच शुरू
क्राइम ब्रांच के चीफ फायर ऑफिसर अमित डोंगरे ने बताया कि हादसे के बाद 11 वाहन, जिनमें 6 फायर टेंडर शामिल थे, मौके पर भेजे गए। उन्होंने कहा कि सबसे पहले यह जांच की जाएगी कि फैक्ट्री जिस स्थान पर संचालित हो रही थी,वहां भवन उपयोग की अनुमति थी या नहीं। इसके साथ ही यह भी जांच होगी कि फैक्ट्री के लिए फायर एनओसी आवश्यक थी या नहीं और यदि थी तो क्या उसे लिया गया था।
लाइसेंस और नियमों की होगी जांच
जॉइंट पुलिस कमिश्नर जयपाल सिंह राठौड़ ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार खुले क्षेत्र में पटाखों का निर्माण किया जा रहा था और उस समय 12 से 15 लोग काम कर रहे थे। पुलिस फैक्ट्री संचालकों का पता लगाने के साथ यह भी जांच कर रही है कि उनके पास वैध लाइसेंस था या नहीं। यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फैक्ट्री मालिक समेत कई लोगों पर FIR
क्राइम ब्रांच के संयुक्त पुलिस आयुक्त शरद सिंघल ने बताया कि घायलों के इलाज को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसके साथ ही रामोल पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 और विस्फोटक अधिनियम के तहत FIR दर्ज की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, फैक्ट्री संचालक मेहुल डोडिया सहित 3-4 अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने किया मुआवजे का ऐलान
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सभी घायलों का बेहतर इलाज सुनिश्चित करने और राहत कार्य में किसी प्रकार की कमी न रहने के निर्देश दिए हैं।
पीएम मोदी ने जताया दुख
पीएम मोदी ने भी इस हादसे पर दुख जाहिर किया है। पीएमओ के आधिकारिक एक्स हैंडल से की गई एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि इस दुखद घटना में मृतकों के परिजनों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। साथ ही उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों को हर संभव मदद दे रहा है। PMNRF से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।
राहत-बचाव अभियान जारी
फिलहाल दमकल और पुलिस की टीमें मलबे की तलाशी में जुटी हैं। प्रशासन का कहना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, मृतकों और घायलों की संख्या तथा हादसे के कारणों को लेकर और जानकारी सामने आएगी। शुरुआती जांच में विस्फोट के कारणों और सुरक्षा मानकों के पालन की भी पड़ताल की जा रही है।
