Row Over Aurangzeb’s Tomb : महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में मुगल बादशाह औरंगजेब की कब्र की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। कब्र परिसर में पहले से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। दरअसल, विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंगदल ने राज्य सरकार से औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग की है। इसे देखते हुए प्रशासन ने अपनी चौकसी और निगरानी बढ़ा दी है। इस बीच, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस का बयान भी आया है।
ASI करता है कब्र परिसर का देख-रेख-फड़णवीस
उन्होंने विहिप और बजरंगदल की मांग का समर्थन करते हुए कहा है कि 'यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमें औरंगजेब के कब्र की सुरक्षा करनी पड़ रही है।' उन्होंने कहा कि इस कब्र की देख-रेख भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के हाथ में है। इसलिए, राज्य सरकार चाह कर भी कुछ नहीं कर सकती। सीएम ने कहा कि औरंगबेज का महिमामंडन स्वीकार नहीं किया जा सकता। देश में केवल वीर शिवाजी का ही महिमामंडन हो सकता है।
कब्र हटाने के लिए राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपने की तैयारी
बजरंग दल और विहिप जैसे संगठनों ने सोमवार को राज्य सरकार को एक ज्ञापन सौंपने की योजना बनाई है, जिसमें कब्र को हटाने के लिए कानूनी कार्रवाई का आग्रह किया जाएगा। संगठनों ने मांग पूरी नहीं होने पर ‘कारसेवा’ और राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है। मराठा राजा छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज और सतारा से भाजपा सांसद उदयनराजे भोसले ने छत्रपति संभाजीनगर में औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग की थी। महाराष्ट्र में औरंगजेब को मराठों के साथ उनकी लड़ाई के लिए याद किया जाता है, जिन्होंने मुगल शासक की विस्तारवादी महत्वाकांक्षाओं का विरोध किया था।
महाराष्ट्र में हुई औरंगजेब की मौत
शिवाजी महाराज के बेटे संभाजी को औरंगजेब के आदेश पर पकड़ कर प्रताड़ित किया गया और मार डाला गया। आठवले ने कहा कि यह सच है कि औरंगजेब क्रूर था और उसने (शिवाजी महाराज के बेटे) छत्रपति संभाजी महाराज को मार डाला, लेकिन, औरंगजेब (मराठा) साम्राज्य को जीतने में विफल रहा और अंततः महाराष्ट्र में उसकी मृत्यु हो गई। केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘औरंगजेब की कब्र कई वर्षों से मौजूद है और इस मुद्दे को फिर से खोलने की कोई आवश्यकता नहीं है। यह कब्र उसके बुरे कर्मों की याद दिलाती है और इसे हटाने से किसी उद्देश्य की पूर्ति नहीं होगी।’
कुछ भाजपा नेताओं द्वारा इस मुद्दे को उठाए जाने के बारे में पूछे जाने पर आठवले ने कहा कि उनका मानना है कि इस मामले का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए।
