देश

अज्ञानता, डर और अविश्वासों पर पनपती है मनमानी सत्ता, बोले सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस भुइयां

शनिवार को मेघालय के री-भोई जिले में स्थित विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेघालय (USTM) के 12वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए जस्टिस भुयान ने पूर्वोत्तर में अग्रणी शिक्षण केंद्रों में से एक के रूप में उभरने के लिए संस्थान की सराहना की।

Image

जस्टिस भुइयां (File photo)

Photo : PTI

SC judge Ujjal Bhuyan: सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस उज्ज्वल भुयान ने लोकतंत्र और विधि के शासन को मजबूत करने में वैज्ञानिक सोच के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि मनमानी शक्ति अज्ञानता, भय और बिना सोचे-समझे विश्वासों पर पनपती है। शनिवार को मेघालय के री-भोई जिले में स्थित विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेघालय (USTM) के 12वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए जस्टिस भुयान ने पूर्वोत्तर में अग्रणी शिक्षण केंद्रों में से एक के रूप में उभरने के लिए संस्थान की सराहना की।

कहा- वैज्ञानिक सोच विधि के शासन की नींव रखती है

शिक्षा, वैज्ञानिक सोच और लोकतांत्रिक मूल्यों के बीच संबंध पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक सोच विधि के शासन की नींव रखती है। उन्होंने आगे कहा, ऐसा इसलिए है क्योंकि मनमानी शक्ति अज्ञानता, भय और बिना सोचे-समझे विश्वासों पर पनपती है। विश्वविद्यालय के केंद्रीय सभागार में आयोजित दीक्षांत समारोह में कुल 1,469 छात्रों को डिग्री और डिप्लोमा प्रदान किए गए। इनमें 42 पीएचडी शोधार्थी, 584 स्नातकोत्तर छात्र, 798 स्नातक छात्र और 45 डिप्लोमा धारक शामिल थे।

भारतीय विश्वविद्यालय संघ के महासचिव पंकज मित्तल ने दीक्षांत भाषण दिया। समारोह में गुवाहाटी उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति कल्याण राय सुराना, न्यायमूर्ति सौमित्र सैकिया, न्यायमूर्ति रॉबिन फुकन, न्यायमूर्ति करदक एटे और न्यायमूर्ति उन्नी कृष्णन नायर के अलावा गुवाहाटी उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति पी.के. डेका भी उपस्थित थे।

कई कुलपतियों ने की शिरकत

कई कुलपतियों और केंद्रीय विश्वविद्यालयों के प्रमुखों ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया, जिनमें अंग्रेजी और विदेशी भाषा विश्वविद्यालय, मौलाना आजाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय, ओडिशा केंद्रीय विश्वविद्यालय, राजीव गांधी विश्वविद्यालय, मिजोरम विश्वविद्यालय, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय और राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि शामिल थे।

यूएसटीएम के कुलपति प्रोफेसर जी.डी. शर्मा ने विश्वविद्यालय की रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसके बाद स्वर्ण पदक वितरित किए गए। पी ए संगमा स्वर्ण पदक ज़कियाह नूरुल बरभुयान (बीएससी जूलॉजी) को प्रदान किया गया, जबकि फ्लोरेंस डाइमरी (एमए रूरल डेवलपमेंट) को डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम स्वर्ण पदक मिला। आयुषी बोरकाकोटी (बीएससी माइक्रोबायोलॉजी) को कुलाधिपति स्वर्ण पदक, पोरीस्मिता भुयान (एमकॉम) को अतिथि स्वर्ण पदक और अभिरूपा कश्यप (बीए साइकोलॉजी) को ज़ुबीन गर्ग मेमोरियल स्वर्ण पदक प्राप्त हुआ। सर्वश्रेष्ठ स्नातकोत्तर छात्रों को कुल 29 पदक और सर्वश्रेष्ठ स्नातक छात्रों को 34 पदक प्रदान किए गए। (पीटीआई)

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article